दवाइयां रखने की भी होती है सही दिशा! वास्तु के अनुसार इन जगहों पर रखना माना जाता है अशुभ

वास्तु शास्त्र अनुसार दवाइयों का स्थान : क्या आपके घर में दवाइयां लेने के बावजूद बीमारी जल्दी ठीक नहीं होती? या परिवार में कोई न कोई सदस्य अक्सर बीमार रहता है? अगर ऐसा है तो वास्तु शास्त्र के अनुसार दवाइयां रखने की जगह पर भी ध्यान देना चाहिए। वास्तु में घर की अलग-अलग वस्तुओं के लिए दिशा निर्धारित की गई है और दवाइयों को लेकर भी कुछ मान्यताएं बताई गई हैं। हालांकि, बीमारी के इलाज और दवाइयों के इस्तेमाल के लिए डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कई लोग सुविधा के लिए दवाइयों को किचन में रख देते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसे उचित नहीं माना जाता। किचन में अग्नि तत्व की प्रधानता होती है, इसलिए दवाइयों को यहां रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसी तरह बाथरूम में भी मेडिसिन बॉक्स नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार बाथरूम की ऊर्जा और नमी दवाइयों के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती। व्यावहारिक रूप से भी नमी और अधिक तापमान कुछ दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित कर सकते हैं।
बीमार या बुजुर्ग लोग अक्सर दवाइयों को बिस्तर के पास या सिरहाने रख लेते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से मिल सकें। वास्तु के अनुसार इसे शुभ नहीं माना जाता और इससे मानसिक तनाव व नींद से जुड़ी परेशानियां बढ़ने की मान्यता है।
इसी तरह डाइनिंग टेबल पर दवाइयों का बॉक्स रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। दवाइयों को भोजन रखने की जगह से अलग और व्यवस्थित स्थान पर रखना ज्यादा बेहतर है।
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को बेहद पवित्र माना जाता है। इस दिशा को साफ-सुथरा और खुला रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के मुताबिक यहां भारी सामान या मेडिसिन बॉक्स रखने से बचना चाहिए।
वास्तु के अनुसार दवाइयां रखने के लिए घर की उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा को उपयुक्त माना जाता है। दवाइयों को किसी साफ और बंद अलमारी या दराज में व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है।
हालांकि, दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए केवल वास्तु ही नहीं, बल्कि उनके लेबल पर दिए गए स्टोरेज निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी है। कुछ दवाओं को सामान्य कमरे के तापमान पर, जबकि कुछ को ठंडी जगह या फ्रिज में रखने की आवश्यकता हो सकती है।
इसलिए दवाइयों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें, एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और डॉक्टर या फार्मासिस्ट द्वारा बताए गए तरीके से ही उनका इस्तेमाल करें। वास्तु संबंधी उपाय धार्मिक या पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।