अधूरी सड़कों पर 45 करोड़ का भुगतान! बीजापुर में 25 अधिकारियों को नोटिस, 15 ठेकेदारों से होगी वसूली

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बीजापुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितता सामने आई है। जांच के दौरान कई ऐसे मामले पाए गए, जहां सड़क का निर्माण कार्य अधूरा था, लेकिन इसके बावजूद करीब 45 करोड़ रुपए के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अब संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

जांच के आधार पर 25 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और अनियमितता पाए जाने वाले 15 ठेकेदारों से भुगतान की गई राशि की वसूली की तैयारी की जा रही है।

जांच में सामने आया कि PMGSY के तहत स्वीकृत कुछ सड़कों का निर्माण निर्धारित मापदंडों के मुताबिक नहीं किया गया। कई जगह सड़क का काम अधूरा मिला, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे। इसके बावजूद संबंधित कार्यों के लिए भुगतान किए जाने की प्रक्रिया सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब संबंधित सड़कों का निर्माण पूरा नहीं हुआ था, तो उनके भुगतान की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी। साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी और सत्यापन में किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।

अनियमितताओं के मामले में विभाग ने 25 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। इनमें निर्माण कार्यों की निगरानी, निरीक्षण और प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या थी और अधूरे या मानकों के अनुरूप नहीं हुए कार्यों के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी की गई।

जांच में जिन 15 ठेकेदारों के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी या अधूरापन पाया गया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। विभाग संबंधित ठेकेदारों को किए गए भुगतान की राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।

विभागीय कार्रवाई के साथ ही गंभीर अनियमितता सामने आने पर कानूनी कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा गया है। जांच में यदि वित्तीय अनियमितता या निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

सड़क निर्माण में अनियमितता के अलावा निर्धारित समय-सीमा से अधिक देरी से चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है। विभाग ने ठेकेदारों को तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मामले में जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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