बिलासपुर। गणेश उत्सव के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए बिलासपुर पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में करीब 27 गणेश उत्सव समितियों के अध्यक्षों और आयोजकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने समितियों को आयोजन से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी सहित सिविल लाइन, सिरगिट्टी, तारबाहर, तोरवा और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मौजूद रहे।
पुलिस ने गणेश समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क पर पंडाल बनाकर यातायात बाधित न किया जाए। प्रतिमा स्थापना के लिए ऐसे स्थान का चयन करने को कहा गया है, जहां आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस आसानी से आयोजन स्थल तक पहुंच सकें।
सभी समितियों को अपने पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने को कहा गया है। पुलिस ने आयोजकों को आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी।
पुलिस ने समितियों से कहा कि हथियार लेकर आने वाले या नशे की हालत में पहुंचने वाले लोगों को पंडाल में प्रवेश न दिया जाए। आयोजकों को उत्सव के दौरान आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में धार्मिक गीत और भजन ही बजाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने साफ किया कि फूहड़ या अश्लील गाने नहीं बजाए जाएंगे। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
पुलिस ने सभी गणेश उत्सव समितियों को 24 सितंबर 2026 तक प्रतिमा विसर्जन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विसर्जन के दौरान समितियों को आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित विसर्जन स्थल पर ही प्रतिमा ले जाने को कहा गया है।
इसके अलावा गणेश उत्सव आयोजित करने से पहले अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व), बिलासपुर से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। पुलिस ने समितियों से अपील की है कि वे पूरे उत्सव को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने दें।