छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई इलाकों में बारिश के आसार; बिजली गिरने की चेतावनी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 सितंबर को प्रदेशभर में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की भी संभावना है। मौसम का यह मिजाज आने वाले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बना रह सकता है।

बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात हो सकता है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, बड़े पेड़ों, जलभराव वाले इलाकों और बिजली के खंभों व तारों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में बारिश बढ़ने की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसमी सिस्टम है। उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिलेगा।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही मानसून द्रोणिका भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। यह द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र तक फैली हुई है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम और मानसून द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है, जिसके चलते बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट होने पर तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इस दौरान बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से भी बचने की सलाह दी गई है।

वहीं किसानों को खुले में रखी कटी हुई फसल और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए उसे ढककर सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।