रैपिडो पर CCPA की बड़ी कार्रवाई, ज्यादा किराया देने के लिए यात्रियों पर दबाव का आरोप; ₹10 लाख जुर्माना

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो संचालित करने वाली कंपनी Roppen Transportation Services Pvt. Ltd. पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को राइड बुक करने से पहले अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित करने वाले कथित भ्रामक प्रॉम्प्ट, अनुचित व्यापार व्यवहार और ‘डार्क पैटर्न’ के इस्तेमाल को लेकर की गई है। कार्रवाई CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अगुवाई में की गई।
CCPA की जांच में पाया गया कि रैपिडो के ऐप पर राइड बुक करते समय कुछ ऐसे संदेश दिखाई देते थे, जिनमें अधिक किराया देने पर राइड मिलने की संभावना बढ़ने का संकेत दिया जाता था। कुछ मामलों में यात्रियों को यह भी बताया जाता था कि चालक तय किराए पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं और अतिरिक्त 10, 20 या 30 रुपये जोड़ने की सलाह दी जाती थी।
प्राधिकरण के अनुसार, ऐसे संदेश उस समय दिखाए जाते थे जब यात्री राइड की पुष्टि का इंतजार कर रहा होता था। CCPA ने इसे उपभोक्ता पर अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बनाने वाली ‘Confirm Shaming’ श्रेणी का डार्क पैटर्न माना।
जांच के दौरान रैपिडो के ‘Set Your Price’ फीचर की डिजाइन भी CCPA के निशाने पर रही। प्राधिकरण के मुताबिक, किराया बढ़ाने पर ऐप में ‘राइड मिलने की अधिक संभावना’ का संदेश हरे रंग में दिखाई देता था, जबकि किराया कम करने पर लाल या नारंगी रंग में चेतावनी प्रदर्शित होती थी।
CCPA ने यह भी पाया कि स्लाइडर में किराया बढ़ाने के लिए नीचे करने की तुलना में ज्यादा जगह उपलब्ध थी। प्राधिकरण ने इस डिजाइन को ‘Interface Interference’ नामक डार्क पैटर्न के तहत माना, क्योंकि इससे उपभोक्ता के निर्णय को अधिक भुगतान की दिशा में प्रभावित करने की संभावना थी।
CCPA ने राइड शुरू होने से पहले अतिरिक्त राशि को ‘टिप’ के रूप में दिखाने पर भी सवाल उठाया। प्राधिकरण के अनुसार, बुकिंग के समय दिखाए जाने वाले किराए में दूरी, समय, ट्रैफिक, टोल और चालक को देय राशि जैसे कारक पहले ही शामिल होते हैं।
CCPA ने कहा कि टिप सामान्य तौर पर सेवा मिलने के बाद स्वेच्छा से दिया जाने वाला भुगतान है। इसे सेवा प्राप्त करने की शर्त के तौर पर यात्रा शुरू होने से पहले प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ CCPA ने रैपिडो को ऐसे प्रॉम्प्ट और इंटरफेस डिजाइन बंद करने का निर्देश दिया है, जो यात्रियों को अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित या दबाव डालते हैं। कंपनी को उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2023 के डार्क पैटर्न दिशानिर्देश और संबंधित ई-कॉमर्स नियमों का पालन करने के लिए भी कहा गया है।
यह कार्रवाई केवल रैपिडो तक सीमित नहीं है। CCPA ने देश में कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म की प्री-राइड टिपिंग और डायनेमिक प्राइसिंग जैसी व्यवस्थाओं की व्यापक जांच शुरू की है। इस प्रक्रिया में ओला, उबर, रैपिडो और नम्मा यात्री को भी नोटिस जारी किए गए हैं। ओला और उबर से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।