पत्थलगांव-कुनकुरी राष्ट्रीय राजमार्ग के अधूरे निर्माण को मिली गति,

125 करोड़ रुपये की लागत से करीब 64 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण
24 माह में कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से जशपुर जिले में लंबे समय से अधूरे पड़े पत्थलगांव-कुनकुरी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को अब गति मिली है। करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 64 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य को 24 माह की समय-सीमा में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़क निर्माण शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ ही परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
पत्थलगांव-कुनकुरी राष्ट्रीय राजमार्ग की अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए वर्ष 2015 में जारी पूर्व निविदा को निरस्त कर नए सिरे से निविदा प्रक्रिया पूरी की गई। नई निविदा प्रक्रिया के बाद मेसर्स विनोद जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित कंपनी द्वारा सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उठाया था मुद्दा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जशपुर जिले में लंबे समय से अधूरी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इसी क्रम में उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पत्थलगांव-कुनकुरी मार्ग के अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री के प्रयासों के बाद पुरानी निविदा को निरस्त कर नए सिरे से निविदा प्रक्रिया पूरी की गई और अब निर्माण कार्य शुरू हो सका है।
सड़क अधोसंरचना के विस्तार से जशपुर के विकास को मिलेगी रफ्तार
जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य जारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के साथ ही भारतमाला परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। इसके अलावा कोतबा-बागबहार, चराईडांड-बतौली तथा पत्थलगांव-धरमजयगढ़ सड़क मार्गों के निर्माण एवं विकास कार्य भी प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले में संचालित सड़क निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मापदंडों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने तथा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।