DSP कल्पना वर्मा-होटल कारोबारी विवाद में बड़ा खुलासा, जांच रिपोर्ट में 2 करोड़ के गिफ्ट और संपत्ति गिरवी रखने का जिक्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ में डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में है। दोनों के बीच हुए कथित चैट और वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। कारोबारी की शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित किया गया था। अब जांच रिपोर्ट में सामने आए कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
जांच के दौरान सामने आए बैंक स्टेटमेंट के आधार पर कारोबारी दीपक टंडन ने दावा किया है कि उन्होंने डीएसपी कल्पना वर्मा और उनसे जुड़े लोगों को करीब 2 करोड़ रुपये के महंगे उपहार और रकम दी। इन उपहारों के लिए रकम जुटाने के दौरान घर और गहने गिरवी रखने, लोन लेने और कार बेचने जैसी गतिविधियों का भी बैंक रिकॉर्ड में उल्लेख होने का दावा किया गया है।
दीपक टंडन की ओर से दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक, डीएसपी कल्पना वर्मा को दिए गए कथित उपहार और रकम में करीब 5.34 लाख रुपये के गिफ्ट, 1 करोड़ 68 लाख 53 हजार रुपये नकद, तथा करीब 31 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर शामिल हैं। दावा है कि ऑनलाइन रकम डीएसपी कल्पना वर्मा और उनके पिता हेमंत वर्मा के खातों में RTGS और PhonePe के माध्यम से भेजी गई।
इसके अलावा करीब 20.66 लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदने का भी उल्लेख है। इसमें सोने-हीरे के आभूषण, डायमंड रिंग, डायमंड टॉप्स, गोल्ड टॉप्स और अन्य ज्वैलरी के साथ लैपटॉप और एलईडी टीवी जैसे सामान शामिल होने का दावा किया गया है।
दस्तावेजों के अनुसार, कारोबारी ने रकम जुटाने के लिए कई तरह के वित्तीय साधनों का इस्तेमाल किया। इनमें वर्धमान ज्वैलर्स के यहां सोना गिरवी रखकर करीब 26 लाख रुपये, श्री मोटर्स को गाड़ी बेचकर 10 लाख रुपये, होम लोन टॉपअप से 53.05 लाख रुपये, फॉर्च्यूनर बेचकर 10 लाख रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा से 20 लाख रुपये और अन्य स्रोतों से लोन व उधार शामिल बताए गए हैं।
दस्तावेजों में एक मकान बेचने से 19 लाख रुपये, एक अन्य मकान से 65 लाख रुपये, 4.50 लाख रुपये का लोन और करीब 20 लाख रुपये उधार लेने का भी उल्लेख है। इन सभी स्रोतों से कुल करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये जुटाए जाने का दावा किया गया है।
इस मामले की जांच के बाद तैयार करीब 1,482 पन्नों की रिपोर्ट 14 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय भेजे जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने रिपोर्ट डीजीपी को भेजी थी। हालांकि, रिपोर्ट में गंभीर आरोपों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख होने के बावजूद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पर निर्णय लेने में इतना समय क्यों लग रहा है। डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कहा है कि जांच से जुड़े सभी विषयों पर वह जानकारी नहीं दे सकते और अधिक जानकारी जांच अधिकारी से ली जा सकती है।
महंगे उपहार स्वीकार करने के आरोपों के कारण मामला अब सरकारी सेवा के आचरण नियमों से भी जुड़ गया है। जांच रिपोर्ट में कारोबारी और डीएसपी के बीच करीब दो करोड़ रुपये के कथित लेन-देन का उल्लेख होने का दावा किया गया है।
वहीं, कल्पना वर्मा ने आरोपों को साजिश और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि विवाद उनके पिता और दीपक टंडन के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन से जुड़ा हुआ है। कार को लेकर उनका कहना है कि उन्होंने उसे कानूनी तरीके से खरीदा है और उसके वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।
फिलहाल मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर स्थिति पुलिस मुख्यालय के स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर है।