164 नए केस, सिर्फ 17 का निपटारा; कॉमर्शियल कोर्ट में बढ़ी पेंडेंसी, 1,622 मामले लंबित

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की कॉमर्शियल अदालतों में मामलों की लंबित संख्या अगस्त 2026 में और बढ़ गई। बिलासपुर हाई कोर्ट की वेबसाइट पर जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 अगस्त को प्रदेश की कॉमर्शियल अदालतों में कुल 1,475 मामले लंबित थे। अगस्त के दौरान 164 नए मामले दर्ज हुए, जबकि महज 17 मामलों का अंतिम निपटारा हो सका। इसके चलते महीने के अंत तक कुल पेंडेंसी बढ़कर 1,622 मामलों पर पहुंच गई।

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में दाखिल हुए नए वाणिज्यिक मामलों की तुलना में निपटारे की संख्या काफी कम रही। इससे एक महीने में लंबित मामलों में 147 मामलों की शुद्ध बढ़ोतरी हुई।

जिलेवार आंकड़ों में बिलासपुर की जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट सबसे आगे रही। अगस्त की शुरुआत में यहां 796 मामले लंबित थे। महीने के दौरान 131 नए मामले दाखिल हुए, जबकि सिर्फ 10 मामलों का निपटारा किया गया। इस तरह महीने के अंत में लंबित मामलों की संख्या बढ़कर 917 हो गई।

रिपोर्ट में इस कोर्ट में मामलों के निपटारे का औसत समय करीब दो वर्ष दर्ज किया गया है। वहीं, बिलासपुर की चतुर्थ सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में भी एक मामला लंबित है।

कोरबा की प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में अगस्त की शुरुआत में 283 मामले लंबित थे। महीने में 25 नए मामले दर्ज हुए, जबकि केवल एक मामले का निपटारा हो सका। इसके बाद पेंडेंसी बढ़कर 307 मामलों तक पहुंच गई।

रायगढ़ में अगस्त की शुरुआत में 149 मामले लंबित थे। महीने के दौरान दो नए मामले दर्ज हुए और दो मामलों का निपटारा हुआ। नए मामलों और निपटाए गए मामलों की संख्या बराबर रहने से महीने के अंत में पेंडेंसी 149 पर ही बनी रही। यहां मामलों के निपटारे का औसत समय करीब दो वर्ष दर्ज किया गया है।

नवा रायपुर की जिला जज स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में अगस्त की शुरुआत में 146 मामले लंबित थे। महीने के दौरान 16 नए मामले दाखिल हुए और 15 मामलों का निपटारा किया गया। इसके बाद लंबित मामलों की संख्या एक बढ़कर 147 हो गई। यहां मामलों के निपटारे का औसत समय 228 दिन दर्ज किया गया है।

श्रेणीवार आंकड़ों के मुताबिक, सिविल सूट के 45 लंबित मामलों में नौ नए मामले आए और दो का निपटारा हुआ। इसके बाद इस श्रेणी में 52 मामले लंबित रहे। आर्बिट्रेशन के 50 मामलों में पांच नए मामले दर्ज हुए और 10 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे 45 मामले शेष रह गए।

एग्जीक्यूशन से जुड़े 48 मामलों में दो नए मामले आए और एक का निपटारा हुआ। इसके बाद 49 मामले लंबित रहे। विविध न्यायिक मामलों में दो मामलों के निपटारे के बाद एक मामला लंबित रह गया।

रायपुर की द्वितीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में 104 मामले लंबित हैं। अगस्त में दो नए मामले दर्ज हुए और दो मामलों का निपटारा किया गया। यहां मामलों के निपटारे का औसत समय 741 दिन दर्ज है।

वहीं, रायपुर की तृतीय सिविल जज स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में 50 मामले लंबित हैं। अगस्त में एक नया मामला आया और एक मामले का निपटारा हुआ। इस कोर्ट में मामलों के निपटारे का औसत समय 766 दिन दर्ज किया गया है।

जगदलपुर की प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में अगस्त की शुरुआत में 56 मामले लंबित थे। एक मामले के निपटारे के बाद महीने के अंत में 55 मामले शेष रह गए। यहां मामलों के निपटारे का औसत समय 375 दिन दर्ज किया गया है।

राजनांदगांव की प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कोर्ट में अगस्त की शुरुआत में 28 मामले लंबित थे। तीन नए मामले जुड़ने के बाद पेंडेंसी बढ़कर 31 हो गई।

सरगुजा के अंबिकापुर स्थित द्वितीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में छह मामले लंबित हैं। अगस्त में यहां कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ। दुर्ग में द्वितीय जिला जज स्तर और चतुर्थ सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी स्तर की कॉमर्शियल कोर्ट में एक-एक मामला लंबित है।

अगस्त 2026 के आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश की कॉमर्शियल अदालतों में नए मामलों की संख्या निपटारे से काफी अधिक रही। 164 नए मामलों के मुकाबले सिर्फ 17 मामलों का निपटारा हुआ। इसके चलते कुल लंबित मामले 1,475 से बढ़कर 1,622 हो गए। यानी अगस्त में ही प्रदेश की कॉमर्शियल अदालतों में लंबित मामलों की संख्या में 147 मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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