सरकारी स्कूलों में 50 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली, जिला दफ्तरों में तैनात हैं शिक्षक

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन का नाम बदलकर समग्र शिक्षा अभियान कर दिया गया था। इसके बावजूद पुराने ढांचे के तहत बनाए गए जिला मिशन समन्वयक (DMC) के पद प्रदेश के सभी 33 जिलों में अब भी संचालित हैं। इन पदों पर शिक्षक तैनात हैं। सवाल यह उठ रहा है कि मिशन का ढांचा बदलने के बाद भी इन पदों की वर्तमान जरूरत और उपयोगिता का विभाग ने अब तक आकलन क्यों नहीं किया।
विधानसभा में दी गई सरकारी जानकारी के अनुसार राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 50,472 पद रिक्त हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर जिला कार्यालयों में प्रशासनिक और दस्तावेजी काम में लगाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षाविदों का कहना है कि जिला स्तर पर DMC, ABEO और ADEO जैसे अधिकारी पहले से मौजूद हैं। ऐसे में शिक्षकों से कार्यालयीन और क्लर्क स्तर के कार्य कराना उनकी मूल जिम्मेदारी से अलग है। उनका कहना है कि शिक्षकों को स्कूलों से हटाकर दफ्तरों में तैनात करने के बजाय उन्हें वापस कक्षाओं में भेजा जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
DMC का काम शिक्षा योजनाओं के समन्वय, निगरानी और रिपोर्ट तैयार करने से जुड़ा है। ऐसे में विभाग के सामने यह सवाल है कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में इन पदों पर शिक्षकों की तैनाती कितनी जरूरी है और क्या इन कार्यों को विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जरिए पूरा नहीं किया जा सकता।
इस मामले में समग्र शिक्षा मिशन के एएमडी के. कुमार ने कहा कि मामले में क्या तकनीकी दिक्कत है, इसकी जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि सेटअप की भी समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।