रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसमी सिस्टम बताया जा रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, जो धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ी है और मध्य तथा दक्षिणी जिलों में बादलों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।
बारिश के साथ कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और टीन की छतों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। सुरक्षित रहने के लिए पक्के भवन में शरण लेना बेहतर रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का सिलसिला शुक्रवार के बाद भी जारी रह सकता है। 26 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 27 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 28 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि कई जगह हल्की बारिश जारी रह सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में 34.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में 32.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।