कॉलेज, अस्पताल और बाजारों तक आसान होगा सफर, रायपुर में 100 ई-बसें चलाने की तैयारी

इस योजना की खास बात यह है कि ई-बसों के रूट निर्धारित करने में शहरवासियों की राय को प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम का प्रयास है कि बसों का संचालन उन मार्गों पर किया जाए, जहां यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की सबसे अधिक जरूरत है।
आमतौर पर सार्वजनिक परिवहन के मार्ग प्रशासनिक स्तर पर निर्धारित किए जाते हैं, लेकिन इस बार रायपुर नगर निगम नागरिकों से सीधे सुझाव ले रहा है। इसके लिए ऑनलाइन सर्वे की सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से शहरवासी अपने रोजाना के यात्रा मार्ग, आवागमन का समय और बस सेवा की जरूरत वाले क्षेत्रों की जानकारी साझा कर सकते हैं।
नगर निगम को प्राप्त सुझावों और आंकड़ों का विश्लेषण कर ई-बसों के रूट तय किए जाएंगे। इससे वास्तविक जरूरतों के अनुरूप परिवहन नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी।
ई-बसों के रूट निर्धारित करते समय शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, व्यस्त बाजारों और अस्पतालों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को राहत मिल सकती है।
बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का यात्रा समय और खर्च कम होने की संभावना है। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने से निजी वाहनों का उपयोग कम करने और यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिल सकती है।
100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग की व्यवस्था के लिए रायपुर के हीरापुर स्थित जरवाय में आधुनिक ई-बस डिपो का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 13.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
डिपो में बसों की चार्जिंग के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और आधुनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। यहीं से बसों के रखरखाव और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने की योजना है।
निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने जरवाय स्थित निर्माणाधीन ई-बस डिपो का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, ठेका एजेंसी के काम की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
डिपो का निर्माण समय पर पूरा होना ई-बस सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ई-बसों के परिचालन से जुड़ी अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं। यात्रियों को टिकट जारी करने, कंडक्टरों की तैनाती और राजस्व संग्रह की जिम्मेदारी संभालने के लिए टिकटिंग एजेंसी के चयन की टेंडर प्रक्रिया जारी है।
एजेंसी का चयन होने के बाद परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही बसों के संचालन की तैयारी को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
रायपुर में 100 ई-बसों का संचालन शुरू होने से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। डिपो निर्माण, चार्जिंग सुविधाओं और टिकटिंग व्यवस्था सहित जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य शहरवासियों को सुविधाजनक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना है। यदि रूट निर्धारण में नागरिकों के सुझावों को प्रभावी ढंग से शामिल किया जाता है, तो इससे रायपुर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
