रायपुर उत्तर में SIR की तैयारी तेज, 259 BLO और 26 सुपरवाइजरों को दिया गया प्रशिक्षण; घर-घर होगा मतदाता सूची का सत्यापन

रायपुर : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और उसमें दर्ज नामों की शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। वहीं, निर्धारित अर्हता तिथियों पर 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले पात्र युवा भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसी क्रम में शनिवार को रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ और सुपरवाइजरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 259 बीएलओ और 26 सुपरवाइजरों को वर्ष 2026 की एएसडी सूची के सत्यापन से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएसडी सूची के सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया गया। इस सूची में अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), दोहरी प्रविष्टि वाले (Duplicate) और मृत (Dead) मतदाताओं से संबंधित जानकारी शामिल होती है। बीएलओ घर-घर जाकर इन प्रविष्टियों की जांच करेंगे, जिससे मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर उसे अधिक सटीक बनाया जा सके।
मास्टर ट्रेनर संदीप ने अधिकारियों को सत्यापन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने में बूथ स्तर के अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) केएम अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक बीएलओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
उन्होंने सत्यापन कार्य में पारदर्शिता बरतने और निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया। साथ ही मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने, सूची में नाम की जांच कराने और आवश्यक संशोधनों की प्रक्रिया में लोगों को सहयोग देने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के दौरान स्कूलों और कॉलेजों में वोटर अवेयरनेस क्लब गठित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इन क्लबों के माध्यम से युवाओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास होगा।
निर्धारित अर्हता तिथियों के अनुसार, 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ना और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
