रेलवे में TTE की नौकरी का झांसा देकर 13 लाख की ठगी, आरोपी ने खुद को बताया अफसरों का करीबी

बिलासपुर। बिलासपुर में रेलवे में टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) के पद पर सीधी भर्ती कराने का झांसा देकर एक निजी कंपनी के सेल्समैन से 13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को रेलवे के बड़े अधिकारियों का करीबी बताकर पीड़ित को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद करीब 10 महीने तक अलग-अलग किस्तों में रकम अपनी फर्म के बैंक खातों में जमा करवाई। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस शिकायत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ग्राम लोहरापार निवासी रविकांत यादव (30) बिलासपुर के दयालबंद चौक के पास रहता है। वह पिछले छह वर्षों से एग्रीकल्चर सेक्टर में सेल्स और मार्केटिंग का काम कर रहा है।
18 नवंबर 2024 की शाम रविकांत के मोबाइल पर इमरान इकबाल नाम के व्यक्ति का फोन आया। बातचीत के दौरान आरोपी ने दावा किया कि रेलवे विभाग के बड़े अधिकारियों से उसकी अच्छी जान-पहचान है और वह रविकांत को टीटीई के पद पर नौकरी दिलवा सकता है। इसके लिए उसने कुल 13 लाख रुपये खर्च होने की बात कही।
नौकरी मिलने की उम्मीद में रविकांत आरोपी के झांसे में आ गया। आरोप है कि इमरान इकबाल ने गूगल पे और फोन पे के माध्यम से इकबाल इंटरप्राइजेस के नाम से संचालित बैंक खातों में रकम जमा करवाई।
बताया गया है कि 9 दिसंबर 2024 को खाते की जांच के नाम पर पहले 100 रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद उसी दिन 1.90 लाख रुपये और 11 दिसंबर को 2.18 लाख रुपये लिए गए। जनवरी से मार्च 2025 के बीच भी अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। इस तरह आरोपी ने कुल 13 लाख रुपये ले लिए।
रकम देने के बाद भी रविकांत को रेलवे में नौकरी से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। उसने जब आरोपी से पैसे वापस मांगे, तो इमरान इकबाल ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया।
इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। उसने सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
