दुर्ग के गरबा आयोजन में बवाल: गैर-हिंदुओं की एंट्री पर VHP-बजरंग दल ने जताई आपत्ति, आयोजन समिति से धक्कामुक्की

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दुर्ग। नवरात्रि के दौरान दुर्ग शहर के हॉकी ग्राउंड में आयोजित भव्य गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं के शामिल होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद आयोजन समिति के सदस्यों और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद धक्कामुक्की तक पहुंच गया। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद गरबा कार्यक्रम फिर से शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। आयोजन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राकेश रामलोचन तिवारी अपने समर्थकों के साथ हॉकी ग्राउंड पहुंचे। यहां उन्होंने गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर आपत्ति जताई।

तिवारी ने दावा किया कि एक गैर-हिंदू युवक ने सोशल मीडिया पर गरबा कार्यक्रम का प्रवेश पास मुफ्त में मिलने की जानकारी साझा की थी। इसी मुद्दे को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल पर विरोध दर्ज कराया। मंच पर पहुंचकर उन्होंने कहा कि गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों को शामिल नहीं होना चाहिए। यदि वे आते हैं, तो उन्हें अपने घर की महिला सदस्यों के साथ आना चाहिए।

मंच पर माइक के जरिए अपनी बात रख रहे राकेश रामलोचन तिवारी को धक्का लगने के बाद विवाद और बढ़ गया। इसके बाद आयोजन समिति के सदस्यों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्कामुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई।

मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनने के बाद आयोजन समिति के संरक्षक और दुर्ग के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने हस्तक्षेप कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया। कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा, लेकिन बाद में माहौल सामान्य हो गया।

आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। इसके बावजूद विवाद के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

दुर्ग नवनिर्माण समिति की ओर से हॉकी ग्राउंड में पिछले तीन वर्षों से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में दुर्ग, भिलाई और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

आयोजकों के मुताबिक, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार विवाद की स्थिति सामने आई। हालांकि, हंगामे के बाद स्थिति सामान्य हुई और गरबा का आयोजन उत्साह के साथ देर रात तक चलता रहा।