बैंक से कर्ज लेकर बंधक दुकान 21 लाख में बेची, धोखाधड़ी के आरोप में कारोबारी गिरफ्तार

बिलासपुर। बिलासपुर जिले में बैंक से कर्ज लेकर बंधक रखी गई दुकान को बिना अनुमति बेचने का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपी फनीन्द्र मिश्रा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने बैंक ऑफ इंडिया में दुकान गिरवी रखकर ऋण लिया और बाद में बैंक को बिना सूचना दिए उसी संपत्ति को 21 लाख 11 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, नया रायपुर के सेक्टर-24 निवासी सूरज कुमार (41 वर्ष) ने इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि बिलासपुर के विद्यानगर निवासी फनीन्द्र मिश्रा उर्फ फणीन्द्र (55 वर्ष) ने 16 अक्टूबर 2020 को वृंदावन कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर स्थित दुकान नंबर ए-308 को बैंक ऑफ इंडिया की व्यापार विहार शाखा में बंधक रखा था। इसके बदले उसने बैंक से ऋण प्राप्त किया था।
बैंक के नियमों और अनुबंध के अनुसार, ऋण की पूरी राशि चुकाने और बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने से पहले बंधक संपत्ति को बेचने की अनुमति नहीं थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने 11 जुलाई 2022 को बंधक रखी गई दुकान बबीता बजाज को 21 लाख 11 हजार रुपये में बेच दी। आरोप है कि इस सौदे के लिए उसने बैंक को कोई जानकारी नहीं दी और संपत्ति के बंधक होने से संबंधित तथ्यों को छिपाया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने शपथपत्र प्रस्तुत कर दुकान की रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया भी पूरी करवा ली। इस तरह बंधक संपत्ति को बेचने के मामले में बैंक और खरीदार के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
बैंक अधिकारियों की रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फनीन्द्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका और इसी तरह की अन्य संपत्तियों से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।
