त्योहारी सीजन में हवाई किराए में लगी आग: रायपुर से पुणे का टिकट ₹20 हजार के करीब, मुंबई-कोलकाता का सफर भी महंगा

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रायपुर। त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। रायपुर से पुणे, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में भारी उछाल आया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पुणे रूट पर देखने को मिल रही है, जहां सामान्य दिनों में 6,500 से 7,500 रुपये में मिलने वाला टिकट अब करीब 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर महज 4 प्रतिशत वैट लागू होने के बावजूद यात्रियों को हवाई किराए में राहत नहीं मिल रही है। नवंबर के पहले सप्ताह में यात्रा करने वालों को सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

एक से छह नवंबर के बीच रायपुर से विभिन्न शहरों के लिए हवाई टिकट महंगे हो गए हैं। पुणे जाने के लिए यात्रियों को सबसे अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं, मुंबई का किराया भी सामान्य दरों के मुकाबले दोगुने से अधिक हो गया है।

आमतौर पर रायपुर से मुंबई का टिकट 5,500 से 6,500 रुपये के बीच मिलता है, लेकिन त्योहारी सीजन में इसकी कीमत बढ़कर 14,356 से 15,500 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह कोलकाता जाने के लिए यात्रियों को 13,642 से 14,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में इस रूट का किराया 5,200 से 6,000 रुपये रहता है।

रायपुर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी टिकट के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। सामान्य दिनों में 5,500 से 6,500 रुपये में मिलने वाला टिकट अब 9,327 से 12,000 रुपये तक पहुंच गया है।

हैदराबाद रूट पर भी किराए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इस रूट पर सामान्य दिनों में 4,500 से 6,200 रुपये तक का टिकट मिलता है, जबकि नवंबर के शुरुआती दिनों में इसकी कीमत 11,000 से 13,000 रुपये तक बताई जा रही है।

शहर 1 से 6 नवंबर का किराया सामान्य दिनों का किराया
पुणे ₹19,488–20,000 ₹6,500–7,500
मुंबई ₹14,356–15,500 ₹5,500–6,500
कोलकाता ₹13,642–14,000 ₹5,200–6,000
दिल्ली ₹9,327–12,000 ₹5,500–6,500
हैदराबाद ₹11,000–13,000 ₹4,500–6,200

छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर 4 प्रतिशत वैट होने से एयरलाइंस को ईंधन लागत के मामले में राहत मिलती है। इसके बावजूद त्योहारों के दौरान टिकटों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

विमान किराए में इस उछाल की प्रमुख वजह यात्रियों की बढ़ती मांग और डायनेमिक प्राइसिंग को माना जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत टिकटों की कीमत सीटों की उपलब्धता, बुकिंग के समय और यात्रा की मांग के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है।

हवाई टिकटों की कीमतों में बार-बार बदलाव भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। एक समय कम कीमत पर दिखाई देने वाला टिकट कुछ घंटे बाद महंगा हो सकता है। इसके अलावा टिकट रद्द कराने या यात्रा की तारीख बदलने पर भी शुल्क देना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह शुल्क 3,000 से 4,500 रुपये तक हो सकता है, हालांकि वास्तविक राशि एयरलाइन और टिकट की शर्तों पर निर्भर करती है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश उपाध्यक्ष विमल बाफना ने हवाई किराए में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा और आपात परिस्थितियों में विमान सेवा एक महत्वपूर्ण विकल्प है। ऐसे में त्योहारों के दौरान किराए में भारी बढ़ोतरी से आम यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने हवाई किराए में बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने की जरूरत बताई है।

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर अमर सिंह पंडेल के अनुसार, त्योहारों के दौरान हवाई यात्रा की मांग बढ़ जाती है। इस अवधि में व्यक्तिगत यात्राओं के साथ-साथ कॉर्पोरेट और व्यावसायिक यात्राएं भी होती हैं। मांग बढ़ने से कम कीमत वाली सीटें जल्दी बुक हो जाती हैं, जिसके बाद यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने पड़ते हैं।

फिलहाल नवंबर के पहले सप्ताह में रायपुर से दूसरे शहरों की यात्रा करने वालों को ज्यादा खर्च के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। हालांकि, टिकट का वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।