छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए साल में दो बार होगी विशेष TET परीक्षा, सरकार ने दी मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने गैर-TET उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। शासन के निर्देशानुसार परीक्षा साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी, ताकि शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। इसके लिए निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी की सेवाएं लेने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। हालांकि, परीक्षा की तारीख, विस्तृत समय-सारणी और पाठ्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में 1 सितंबर 2025 तथा पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए निर्णयों के अनुपालन में उठाया गया है।
निर्देशों के मुताबिक, कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले ऐसे सेवारत शिक्षकों, जिनकी सेवा में पांच वर्ष या उससे अधिक समय शेष है, उनके लिए सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए निर्धारित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
इसी के मद्देनजर लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को राज्य शासन को विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव भेजा था। सरकार ने इस पर सहमति देते हुए वर्ष में न्यूनतम दो बार परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्णय के अनुसार, विशेष टीईटी परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा यदि एक से अधिक पालियों में होती है, तो सभी पालियों के प्रश्नपत्रों का स्तर समान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
विशेष टीईटी परीक्षा को मंजूरी मिलने के बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसे शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि संगठन लगातार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और भविष्य से जुड़े मुद्दों को शासन के सामने उठाता रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही परीक्षा की तारीख, समय-सारणी और पाठ्यक्रम जारी करेगी। साथ ही शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
शिक्षक साझा मंच के संचालक रविन्द्र राठौर, विकास राजपूत और प्रदीप पांडेय ने भी इसे शिक्षक एकता और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम बताया। मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि विभागीय टीईटी पर सहमति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान तक प्रयास जारी रहेंगे।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघर्ष मोर्चा और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन लंबे समय से सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी आयोजित करने की मांग कर रहे थे।
हालांकि, एसोसिएशन ने CBT पद्धति के स्थान पर OMR शीट के माध्यम से ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कई शिक्षकों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में OMR आधारित परीक्षा अधिक सुविधाजनक और व्यावहारिक होगी।
शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि विशेष टीईटी परीक्षा पर सहमति मिलने के बाद अब सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने तथा प्रथम नियुक्ति से पूर्व की सेवा अवधि की गणना कर क्रमोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा लाभ दिलाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
संगठन के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि टीईटी के मुद्दे पर मिली प्रगति एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने और शिक्षकों की अन्य लंबित समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे।
फिलहाल शिक्षकों को विशेष टीईटी परीक्षा की तारीख, पाठ्यक्रम और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने का इंतजार है।
