लकड़ी माफियाओं पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, आधी रात छापेमारी कर 3 वाहन जब्त; अवैध कटाई के नेटवर्क की जांच शुरू

मिली जानकारी के अनुसार, लुंड्रा क्षेत्र के एक गुप्त ठिकाने पर बड़े-बड़े लकड़ी के लट्ठों को भारी मशीनों की मदद से वाहनों में लोड किया जा रहा था। इसके लिए जॉन डियर ट्रैक्टर-लोडर (माइन 5310) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें हाइड्रोलिक क्रेन और लोहे के ग्रैबर लगे हुए थे।
बताया जा रहा है कि लकड़ी को बड़े ट्रक में भरकर दूसरे स्थान पर ले जाने की तैयारी थी। इसी दौरान आईएफएस अधिकारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की और वाहनों को जब्त कर लिया।
वन विभाग ने मौके से लकड़ी की लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल हो रहे तीन वाहनों को जब्त कर सील कर दिया। इनमें शामिल हैं:
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12 चक्का ट्रक: क्रमांक CG 15 AC 5272, जिसमें लकड़ी लदी हुई थी।
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स्वराज ट्रैक्टर: पंजीयन क्रमांक CG 14 ME 9903।
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जॉन डियर ट्रैक्टर-लोडर (माइन 5310): हाइड्रोलिक क्रेन और ग्रैबर से लैस भारी मशीन।
जब्त वाहनों को सुरक्षित रूप से डिपो में रखवाया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
अवैध लकड़ी परिवहन के मामले में छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम, 2001 की धारा 3, छत्तीसगढ़ अभिवहन नियम की धारा 22(2) और भारतीय वन अधिनियम की धारा 52(1) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इन प्रावधानों के तहत अवैध वनोपज और परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहनों एवं उपकरणों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई में रेंजर बीना पटेल, परिक्षेत्र सहायक संजय तिर्की, अलवीन कुजूर, सतीश यादव, दिनेश तिवारी, मूलचंद, राम पंडो, अवधेश कुमार, सोमनाथ बड़ा, प्रवीण सिंह, कुबेर सिंह और राजन गुप्ता सहित लुंड्रा रेंज के वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई के बाद अब वन विभाग के सामने लकड़ी के वास्तविक स्रोत का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि लकड़ी किस जंगल या क्षेत्र से काटी गई थी और इसे परिवहन करने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही वाहन मालिकों और संभावित तस्करी नेटवर्क के संबंधों की भी पड़ताल की जाएगी।
भाजपा नेता एवं पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा के जंगलों में हो रही अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कथित लकड़ी तस्करी सिंडिकेट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि जंगलों को उजाड़ने वाले तत्वों पर सख्ती से अंकुश लगाना जरूरी है।
अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी, जिनसे लकड़ी के स्रोत और इस कथित अवैध कारोबार में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
