बेमेतरा के बालाजी पावर प्लांट पर पर्यावरण मंडल की कार्रवाई, निरीक्षण में मिलीं 7 खामियां; 15 दिन में मांगा जवाब

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बेमेतरा : जिले के मुड़पार-रामपुर स्थित बालाजी पावर एंड इस्पात प्लांट में प्रदूषण संबंधी शिकायतों के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती दिखाई है। प्लांट का निरीक्षण करने पहुंची टीम को सात गंभीर खामियां मिलीं। इसके बाद मंडल ने प्लांट प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर प्रतिदिन 30 हजार रुपये जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान भी बताया गया है।

प्रदूषण की शिकायतों के आधार पर किए गए निरीक्षण में प्लांट परिसर की व्यवस्थाओं में कई खामियां उजागर हुईं। इनमें चिमनी से धुआं निकलना, परिसर में धूल का जमाव और धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना शामिल है। निरीक्षण के दौरान कुल सात कमियां दर्ज की गईं।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इन सभी बिंदुओं पर प्लांट प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर पर्यावरण क्षतिपूर्ति की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

जारी नोटिस में प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। तय समयसीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर प्रतिदिन 30 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, यदि निरीक्षण में मिली खामियों को दूर नहीं किया जाता है, तो प्लांट प्रबंधन के खिलाफ वायु प्रदूषण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

फिलहाल प्लांट पर जुर्माना लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा नोटिस के जवाब और कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों के आधार पर तय होगी। अब देखना होगा कि प्लांट प्रबंधन निर्धारित समय में अपना जवाब देता है और प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाता है।

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