छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन पर संकट: 11 हजार से ज्यादा सीटों पर दाखिला अटका, तीसरी बार बढ़ी अंतिम तारीख

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी ने हजारों विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए अब तक काउंसलिंग शुरू नहीं हो सकी है। इस बीच इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ने प्रवेश की अंतिम तारीख तीसरी बार बढ़ाते हुए 15 नवंबर कर दी है। इससे पहले दाखिले की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित थी।
प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में 11 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश होना है। इनमें अकेले बीएससी नर्सिंग की 7,700 से ज्यादा सीटें शामिल हैं। इसके अलावा पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग के पाठ्यक्रमों में भी दाखिले होने हैं। इसके बावजूद प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में देरी की प्रमुख वजह कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता से जुड़ी औपचारिकताएं बताई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की ओर से कॉलेजों को शर्तों के साथ मान्यता देने की प्रक्रिया देर से पूरी हुई। वहीं, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से भी कई कॉलेजों को अब तक संबद्धता नहीं मिल पाई है।
इन प्रक्रियाओं के लंबित रहने के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं कर पा रहा है। इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जो इसी सत्र में नर्सिंग की पढ़ाई शुरू करना चाहते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखकर प्रवेश की अंतिम तारीख 15 दिसंबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया था। हालांकि, फिलहाल काउंसिल ने समय-सीमा बढ़ाकर केवल 15 नवंबर तक की है।
प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से निजी नर्सिंग कॉलेजों का प्रबंधन भी परेशान है। कॉलेज संचालकों को आशंका है कि यदि नवंबर में काउंसलिंग शुरू होती है, तो पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी दाखिला लेने पहुंचेंगे या नहीं। समय पर प्रवेश नहीं होने की स्थिति में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह सकती हैं।
हालांकि, अंतिम तारीख बढ़ने से फिलहाल सीटें लैप्स होने का तत्काल खतरा टल गया है, लेकिन काउंसलिंग की तारीख घोषित नहीं होने से अनिश्चितता बरकरार है।
प्रदेश में 11 हजार से अधिक नर्सिंग सीटों पर दाखिले का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को अब चिकित्सा शिक्षा विभाग की घोषणा का इंतजार है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर काउंसलिंग शुरू कराने की है।
यदि 15 नवंबर से पहले प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो इस सत्र में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका है। ऐसे में नर्सिंग में करियर बनाने की तैयारी कर रहे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
