बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देना पिता को पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई 3 माह की जेल; बेटे को 5 साल की सजा

मिली जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2025 को रात करीब 8:30 बजे स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र के इंदु आईटी स्कूल, कोहका के पास सड़क हादसा हुआ था। मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 चला रहे मोहित कुमार बघेल ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक एक्टिवा को टक्कर मार दी थी।
इस हादसे में एक्टिवा चला रहे शादान अली की मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद स्मृतिनगर पुलिस चौकी और सुपेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे बाइक चलाने के लिए दे दी थी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। 31 अक्टूबर को सत्र न्यायालय दुर्ग ने मामले में सुनवाई करते हुए वाहन चालक बेटे और उसे वाहन उपलब्ध कराने वाले पिता, दोनों को दोषी करार दिया।
1. मोहित कुमार बघेल (मोटरसाइकिल चालक)
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भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
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भारतीय न्याय संहिता की धारा 110(2) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
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मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 महीने का साधारण कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना।
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मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना।
2. मोहन लाल बघेल (पिता एवं वाहन मालिक)
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मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना।
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जुर्माना नहीं भरने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोनों आरोपियों की पहचान
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मोहित कुमार बघेल (करीब 19 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, चौकी जामुल, जिला दुर्ग।
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मोहन लाल बघेल (करीब 54 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, चौकी जामुल, जिला दुर्ग।
इस फैसले के बाद दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। किसी को भी वाहन सौंपने से पहले उसकी निर्धारित आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच जरूर करें।
पुलिस ने कहा कि नाबालिगों को वाहन चलाने देना न केवल उनकी खुद की जान के लिए खतरा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा को भी गंभीर जोखिम में डाल सकता है।
