रायपुर में आधी रात दुकानों पर बुलडोजर एक्शन! फर्जी नगर निगम कर्मचारी बनकर पहुंचे 5 लोग, दो पकड़े गए और तीन फरार

रायपुर : राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में आधी रात दुकानों में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर मौके पर पहुंचे और मशीनों की मदद से दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। घटना के दौरान दुकानदारों ने दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 2 बजे की है। पंडरी इलाके में कुछ लोग नगर निगम का कर्मचारी होने का दावा करते हुए पहुंचे थे। उनके साथ तोड़फोड़ करने वाली मशीनें भी मौजूद थीं। इसके बाद उन्होंने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया।
दुकानदारों ने जब मौके पर पहुंचे लोगों से कार्रवाई का आदेश और जरूरी दस्तावेज दिखाने को कहा तो उनकी गतिविधियों पर संदेह होने लगा। इसके बाद दुकानदारों ने विरोध करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दो लोग पकड़ में आ गए, जिन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य लोग वहां से भाग निकले।
बताया जा रहा है कि धीरज अरोड़ा की यहां तीन दुकानें किराए पर संचालित हैं। नगर निगम के जोन-2 कार्यालय ने 29 सितंबर को संबंधित भवन को जर्जर बताते हुए नोटिस जारी किया था। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि भवन की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसे जर्जर घोषित कर तोड़फोड़ की जाए।
दुकानदारों के मुताबिक, उन्होंने भवन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए जोन कार्यालय और नगर निगम में आवेदन भी दिया था। उनका आरोप है कि जांच पूरी होने और वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जाने से पहले ही रात के अंधेरे में दुकानों को तोड़ दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि सही स्थिति में मौजूद भवन को जर्जर बताकर नोटिस चस्पा किया गया और इसके बाद दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
उन्होंने कहा कि इस घटना से दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि नुकसान की भरपाई कौन करेगा और इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी होगी।
इस घटना के बाद नगर निगम की कार्रवाई और मौके पर पहुंचे लोगों की पहचान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं, फरार तीन अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तोड़फोड़ किसके कहने पर की गई और इसके पीछे क्या वजह थी।
