हिंदू छात्रा से शादी के आवेदन पर बवाल, मुस्लिम प्रोफेसर के खिलाफ परिजन पहुंचे कोर्ट

जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर मोहम्मद कलीम ने करीब एक महीने पहले छात्रा से विवाह के लिए अपर कलेक्टर न्यायालय में आवेदन दिया था। इस आवेदन पर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख 4 नवंबर निर्धारित की गई थी। इसी दौरान छात्रा के परिजनों को विवाह आवेदन की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने समाज के लोगों और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया।
छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उसे बहला-फुसलाकर विवाह के लिए दबाव बनाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों ने अपर कलेक्टर न्यायालय पहुंचकर विवाह आवेदन पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई और विवाह की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद ने इस प्रकरण को ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए विवाह प्रक्रिया रोकने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि न्यायालय की ओर से विवाह आवेदन निरस्त नहीं किया जाता है, तो संगठन छात्रा और उसके परिवार के साथ खड़ा रहेगा।
फिलहाल विवाह आवेदन के विरोध में दर्ज कराई गई आपत्तियों के बाद मामला चर्चा में है। अब इस प्रकरण में अपर कलेक्टर न्यायालय के अगले कदम और फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
