Google Analytics —— Meta Pixel

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आम लोगों को सस्ती ईएमआई के लिए करना होगा इंतजार – आरबीआई

shashikant-das

नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक समाप्त होने के बाद केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समिति द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। गवर्नर शशिकांत दास ने कहा कि आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद यह एमपीसी की पहली समीक्षा बैठक थी। प्रेसवार्ता में शशिकांत दास ने बताया कि आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। एमपीसी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
शशिकांत दास ने आगे कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है। मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी रेट भी 4.25 फीसदी पर है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को ‘उदारÓ बनाए रखा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी में 10.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है। बजट में यह 11 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया था। उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत हैं। ग्रोथ से जुड़े परिदृश्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय वृद्धि को बढ़ावा देने को जारी रखने की जरूरत है।
शक्तिकांत दास ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में महंगाई दर 5.2 फीसदी तक रह सकती है। वित्त वर्ष 2021-22 में खुदरा महंगाई दर से जुड़े पूर्व के 5.8 फीसदी के अनुमान को संशोधित कर 5.2 फीसदी से पांच फीसदी किया गया है। गवर्नर ने इस बात पर संतोष जताया कि महंगाई दर छह फीसदी के टॉलरेंस लेवल के नीचे है। दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कैपिसिटी यूटिलाइजेशन पहली तिमाही की तुलना में सुधार के साथ 63.3 फीसदी पर रही। पहली तिमाही में यह आंकड़ा 47.3 फीसदी था। पिछले कुछ महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) निवेश में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह घरेलू अर्थव्यवस्था में फिर से मजबूत हो रहे विश्वास को दिखाता है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशंस (टीएलटीआरओ) के जरिए बैंकों से एनबीएफसी के लिए फंड उपलब्ध होगा। खुदरा डायरेक्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जिससे खुदरा निवेशकों को सीधा एक्सेस मिलेगा। प्राइमरी अर्बन सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए एक्सपर्ट पैनल का गठन किया जाएगा: आरबीआई गवर्नर। डिजिटल पेमेंट सिस्टम के आउटसोर्सिंग के लिए आरबीआई दिशानिर्देश जारी करेगा। गवर्नर दास ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई वित्त वर्ष 2021-22 में हो जाएगी। केंद्रीय बैंक ने तीन मौजूदा ओम्बड्समैन स्कीम को आपस में जोडऩे और एक सेंट्रलाइज्ड स्कीम बनाने का फैसला किया है। इसे जून 2021 में शुरू किया जाएगा।

रीसेंट पोस्ट्स