बिग ब्रेकिंग: दुर्ग जिले में 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन, कलेक्टर ने जारी कि गाइडलाइन

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दुर्ग। जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन ने 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में लॉकडाउन का निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले में संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने यह बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना की गतिशीलता को नियंत्रित किया जाए। इसके लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरुरी है।

पूर्व में जिले में लॉक डाउन लगाए गए थे और जन सहयोग से कोरोना की पहली लहर को रोक पाने में सफलता मिली थी। इस बार भी कोविड संकट के दौर में धैर्य की जरूरत है ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहें, सुरक्षित रहें। पिछली बार की तरह हमने लॉक डाउन में सम्पूर्ण संयम का परिचय दिया तो कोविड की गंभीरता से पूरी तरह से बच सकेंगे। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण उभरते ही टेस्ट कराएं। साथ ही पॉजिटिव आने पर चिकित्सक की सलाह पर कार्य करें। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर भी टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मरीजों के आइसोलेशन का पूरा ध्यान रखें।

कलेक्टर ने कहा है कि जिले के समक्ष यह कठिन परिस्थिति है। यदि इस समय पूरे संयम और दृढ़ता से इस परिस्थिति का मुकाबला किया तो निश्चय ही हम अपने परिवारजनों और प्रियजनों को इस विपदा से सुरक्षित रख सकेंगे।

देखिए क्या रहेगा खुला क्या बंद, पढ़े गाइडलाइन विस्तार से…

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वर्तमान में नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) एक संक्रामक बीमारी है। इसी बीमारी से भारत समेत पूरे विश्व के देशों के लिये खतरा उत्पन्न हो गया है। कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु कार्यालयीन आदेश कमांक 82/अ.जि.द.एस.डब्ल्यू./2021 दुर्ग दिनांक 25 मार्च, 2021 को दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक एक्ट 1987 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में धारा 144 लागू की गयी है।
जिले के समस्त नगरीय निकायों एवं उससे लगे ग्राम पंचायतों में लगातार संकमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। अतः यह आवश्यक है कि इस संकामक बीमारी के प्रसार को रोकने हेतु तत्काल कदम उठाये जाये। राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन अनुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) नियंत्रण के संबंध में पूर्व में लागू अधिकांश प्रतिबंधों में समय-समय पर सर्शत प्रदान की गई थी। उपरोक्त आंशिक प्रतिबंधों की समीक्षा की गई जिससे वर्तमान में कोरोना वायरस पॉजिटिव प्रकरणों संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरूप तथा जिला प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर पूर्व में अधिरोपित प्रतिबंधो/शर्तो का कड़ाई से पालन कराना एवं
परिस्थिति अनुरूप युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित किया जाना आवश्यक हो गया है। दण्ड प्रक्रिया सहिता 1973 की धारा 144 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30,34 सहपठित एपिडेमिक एक्ट 1987 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला दुर्ग, दिनांक 06 अप्रैल 2021 से 14 अप्रैल, 2021 तक दुर्ग जिले की संपूर्ण सीमाक्षेत्र के लिए लॉकडाऊन की घोषणा करता हूं। लॉकडाऊन अवधि में सभी कार्यक्रम/सेवाओं पर प्रतिबंध होगा। नीचे उल्लेखित सेवाएं प्रतिबंध से मुक्त होगे, जो निम्नानुसार है :-

  • जिले की सभी सीमाएं सील रहेगी। जिले में प्रवेश केवल ई-पास के माध्यम से होगा।
  • घर पर जाकर दूध बांटने वाले दूध विकेता प्रातः 6 से 7 एवं शाम 6 से 7 बजे तक एवं न्यूज पेपर हॉकर प्रातः 6.00 बजे से 8.00 बजे तक लॉक डाउन से मुक्त रहेगे। दवा दुकाने, मेडिकल स्टोर्स, चश्मा दुकाने, डीजल पेट्रोल पंप, एल.पीजी एवं सी. एनजी । मास्क, सेनेटाईजर, ए.टी.एम. वाहन, अन्य सेवायें जो इस आदेश में उल्लेखित हो, को परिवहन करने वाले वाहन।
  • बिजली, पेयजलापूर्ति एवं नगर पालिका सेवायें। टेलीकॉम/इंटरनेट सेवायें/आई.टी. आधारित सेवाये, मोबाईल रिचार्ज एवं सर्विसेस दुकानें। पेट्रोल/डीजल पंप एवं एलपीजी/सीएनजी गैस के परिवहन एवं भंडारण गतिविधियां खाद्य, दवा एवं चिकित्सा उपकरण सहित सभी आवश्यक वस्तुओ, ई-कामर्स आपूर्ति, सुरक्षा कार्य में लगी सभी एजेंसियां (निजी एजेंसियों सहित) राज्य सरकार द्वारा विशेष आदेश से निर्धारित कोई सेवा। जिले के अंतर्गत स्थित समरत औद्योगिक संस्थान/ईकाइयों एवं खान (माईनिंग) को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
  • समस्त औद्योगिक संस्थान/इकाईयां जिन्हें उक्त प्रतिबंध से छूट प्रदान की जा रही है, उनके लिए यह आवश्यक होगा कि वे न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारियों/अधिकारियों का उपयोग करेगी एवं संकमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा हेतु दिए जा रहे निर्देशों को अक्षरशः पालन अनिवार्य रूप से करेगी।
  • धान परिवहन, उद्योग एवं निर्माण कार्य। बैंक एवं पोस्ट ऑफिस (डाकघर) प्रातः 10 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक खुले रहेगे। बोर्ड परीक्षाएं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन की अनुमति होगी।
  • पशु चारा, खाद्य आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवाये निर्बाध रूप से संचालित रहेगी।
  • विवाह/ अंत्येष्ठि/तेरहवी हेतु पूर्व से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।
  • जिले में फैक्ट्री, निर्माण, एवं श्रम कार्य संचालित करने वाली समस्त ईकाईया भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के शतों पर संचालि रहेगी।
  • प्रवेश प्रकिया एवं ऑन लाईन क्लासेस की अनुमति होगी।
  • अनवरत उत्पादन प्रकिया अपनाने वाले जिले में स्थित l औद्योगिक संस्थान अथवा फैक्ट्री (जिसमें ब्लास्ट फर्नेश, बायलर आदि हों) सीमेंट, स्टील, शक्कर, फर्टिलाईजर एवं खान (माईन्स) कोरोना संकमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा हेतु दिये जा रहे या दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के शर्तों पर संचालित रहेगे।
  • न्यूनतम उपजिन मूल्य पर उपार्जन में सम्मिलित एजेंसियों सहित कृषि उत्पादों के / उपार्जन में शामिल एजेंसियां इसमें मण्डी बोर्ड द्वारा संचालित अथवा राज्य शासन द्वारा अधिसूचित मण्डिया भी शामिल है।
  • कृषि व्यवसाय हेतु कृषि उपकरण, खाद वीज आदि संचालित रहेगी। पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा निर्धारित समयानुसार केवल शासकीय वाहन/शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, अस्पताल/ मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित निजी वाहन/ एंबुलेंस, एलपीजी परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहन, एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन/अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड से संचालित ऑटो/टैक्सी विधिमान्य ई-पास धारित करने वाले वाहन एडमिट कार्ड/कॉल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी/उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर, मीडियाकर्मी/प्रेस वाहन/न्यूज पेपर हॉकर, दुग्ध वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नहीं रूकते हुए अन्य राज्य से सीधे अन्य राज्य जाने वाले वाहन को पी.ओ.एल. प्रदान किया जावेगा। अन्य सभी वाहनों हेतु पीओएल प्रदान करना प्रतिबंधित रहेगा।
  • आपातकालीन स्थिति में यात्रा के दौरान चार पहिया वाहनों में ड्राईवर सहित अधिकतम तीन एवं दो पहिया वाहनों में केवल दो व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। निर्देश का उल्लघंन किये जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुए चालानी व अन्य कानूनी कार्यवाही की जावेगी।

यदि किसी भी व्यवसायी के द्वारा उपरोक्त शर्तों में से किसी एक या एक से अधिक शों का उल्लघंन किया जाता है तो उसकी दुकान/संस्थान को तत्काल प्रभाव से 15 दिवस के लिए सील कर दिया जायेगा।