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IG पर गंभीर आरोप: दुर्ग में भतीजी को बनाया बंधक, पीड़िता ने लेटर लिखा- मुझे यहां से निकालो नहीं तो कर लूंगी खुदकुशी

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दुर्ग। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के आईजी द्वारा अपने ही भतीजी को बंधक बनाकर उसे मानसिक रूप से परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी खुद आईजी की भतीजी ने अपने परिजनों को दी। जिसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी पटना से महिला विकास मंच से जुड़े लोगों दी। जानाकारी मिलने पर महिला विकास मंच की टीम दुर्ग पहुंची। पहले तो टीम को सीआईएसएफ कैंपस में जाने से रोक दिया गया। जिसके बाद टीम ने दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा से मदद मांगी इसके बाद बच्ची का रेस्क्यू कर लिया गया।

बच्ची को फिलहाल सखी सेंटर भेज दिया गया है। यह पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है। जिसको लेकर सीआईएसएफ के आईजी द्वारा अपनी भतीजी को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उतई थाने के सीआईएसएफ कैंपस में पटना से आई महिला विकास मंच से जुड़े लोगों ने आज एक ऐसे मामले का खुलासा किया है। जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल उतई के आईजी के द्वारा अपनी ही भतीजी को बंधक बनाकर परेशान किया जा रहा था।

बच्ची के माता पिता की मौत हो चुका है। जिसके बाद से वह अपने चाचा यानी आईजी संजय प्रकाश के यहां पिछले एक साल से रह रही थी। पिछले कुछ महीनो से बच्ची अपनी मौसी अनीता शर्मा को सोशल मीडिया के माध्यम से मैसेज कर रही थी कि उसके चाचा उसे कही भी बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। हर समय उस पर निगरानी रखी जाती है। उसे इस बंधन से यदि जल्द नहीं छुड़ाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी। इसके बाद दानापुर बिहार में रहने वाली बच्ची की मौसी अनीता शर्मा इंस्टाग्राम में भेजे गए मैसेज की कॉपी लेकर पटना में सोसल वर्किंग का कार्य करने वाली महिला विकास मंच के पास पहुंची और हकीकत से परिचित कराया। जिसके बाद संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणिमा कुमारी संरक्षक वीना मानवी और उपाध्यक्ष फहीमा खातून दुर्ग पहुंचे। और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा से मिलकर पूरी कहानी बताई। एसपी से मिले सहयोग के बाद टीम सीआईएसएफ के आईजी के निवास पर पुलिस को लेकर पहुंची। और चाचा भतीजी की काउंसलिंग कर बच्ची को सखी सेंटर भिजवा दिया हैं।

वहीं इस मामले में सीआईएसएफ के आईजी संजय प्रकाश से बातचीत किया गया तो मीडिया में अपनी बात रखने से इंकार करते हुए बताया कि पूरा मामला प्रापर्टी से जुड़ा हुआ है और मैं कुछ नही बोलना चाहता हूं। महिला विकास मंच की संरक्षक वीना मानवी ने इस पूरे मामले की जानाकारी देते हुए कहा कि बच्ची की मौसी ने इस प्रकरण में उनसे शिकायत कर मदद मांगी थी। जिसके बाद वे बच्ची और उसके चाचा से मिले मामला प्रॉपर्टी विवाद का है। जिसमें बच्ची का भी खुद का इंट्रेस्ट है। क्योंकि उसके माता पिता के मौत के बाद जो उसके हिस्से की संपत्ति थी। वह संपत्ति को किसी को नहीं होने देना चाहती है। इसके अलावा उससे पूछताछ में यह भी पता चला है कि उसे घर में ही रखा जाता था और बकायदा निगरानी बनाने के लिए तमाम तरीके अपनाए जाते हैं।
इधर बच्ची की मौसी अनीता शर्मा का आरोप है कि उनकी भतीजी लगातार इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क में रहती थी। पटना के बगीचे को उसके चाचा द्वारा बेचे जाने के बाद उसने सुसाइड करने की भी बात कही। प्रॉपर्टी के पेपर में उसके साइन करवाए जाते थे। एक तरह से उसे घर पर ही कैद में रखा जाता था। इन सब से वह बेहद परेशान थी । जिसके कारण उन्होंने पहले महिला विकास मंच से पहले संपर्क किया। जिसके बाद ये पूरी कार्रवाई की गई।
वहीं इस मामले में बच्ची को मौसी ने बताया कि बच्ची की चाचा यानी सीआईएसएफ के आईजी संजय प्रकाश से मोबाइल से चर्चा कर उनका पक्ष भी जानने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने पारिवारिक मामला बताकर बात करने से मना कर दिया। दरअसल, बच्ची के पिता बैंक मैनेजर थे और जमीदार परिवार से थे। माता पिता के मौत के बाद इकलौती संतान 22 साल की लड़की को उसके चाचा पिछले वर्ष अपने घर सीआईएसएफ कैंपस उतई ले आए। इसके बाद से यह प्रॉपर्टी विवाद चला आ रहा था। जो की अब खुलकर सामने आया है। फिलहाल, इस मामले में बच्ची को सखी सेंटर बयान के लिए भिजवाया गया है। और बच्ची की मौसी अब उसे अपने घर में ले जाने की तैयारी कर रही है।