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गंदे पानी को डायवर्ट करने अब बनेगा नया डायवर्सन नाला, साढ़े तीन करोड़ की लागत से निर्मित नाला हुआ अनुपयोगी

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दुर्ग(चिन्तक)। शहर की आधी आबादी को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनाया गया पुलगांव डायवर्सन नाला अनुपयोगी साबित हुआ है। विधायक गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों से डायवर्सन का नया प्लान बनाने के लिए कहा है। पुलगांव में वर्तमान में निर्मित डायवर्सन नाला का प्लान भाजपा की परिषद ने तैयार किया था। कांग्रेस की परिषद ने इसका निर्माण पूरा किया है।

जानकारी के अनुसार विधायक गजेन्द्र यादव को डायवर्सन का कार्य पसंद नही है। डायवर्सन नाला का निरीक्षण करने के बाद ही उन्होने इसे नये सिरे से बनाने की जरूरत बताई है। बताया गया है कि नया डायवर्सन शहर की जनता को गंदे पानी से निजात दिलाएगा। इसके तहत शहर के सात तालाबों को आपस में जोड़कर अतिक्ति पानी नदी में छोड़ा जाएगा। वहींं पुलगांव नाका का गंदा पानी एनीकट के नीचे छोडऩे एक अतिरिक्त पैनल बनाया जाएगा।
यहां गौरतलब है कि पिछलेे कई वर्षो से निगम की गलती से सेम्पवेल पुलगांव नाला में स्थापित हो गया है जिसकी वजह से शहर की जनता गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है। इसी की वजह से विधायक गजेन्द्र यादव ने निगम व सिंचाई के अफसरों के साथ स्थल का निरीक्षण किया और नये सिरे से प्लान बनाने के निर्देश दिए।

तालाब के अतिरिक्त पानी से होगी सिंचाई
बताया गया है कि तालाब के अतिरिक्त पानी से लगभग पांच सौ एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होगी। डोंगिया तालाब टप्पा तालाब, बाबू तालाब,हत्यारा तालाब, भांगड़ देव तालाब सहित सात तालाबों को आपस में जोडकर अतिरिक्त पानी को नहर नाली के माध्यम से बघेरा, कोटनी, मोहलई की ओर डायवर्ट करके उक्त पानी से खेतों की फसलों की सिंचाई की जाएगी। इससे लगभग पांच सौ एकड़ में सिंचाई होगी और किसानों को इसका लाभ मिलेगा। वही्ं तालाब का गंदा पानी इसके माध्यम से बाहर आने से तालाब भी साफ सुथरा होगा और जल भराव में दिक्कत नही होगी।

नये सिरे से होगा टेन्डर
गंदे पानी को डायवर्ट करने के लिए साढ़े तीन करोड़ की लागत से निर्मित पुलगांव डायवर्सन नाला अब महत्वहीन हो गया है। नया प्लान बनाए जाने के बाद नये सिरे से इसके लिए राशि स्वीकृत होगी और नये सिरे से टेन्डर होगा। पुलगांव डायर्सन नाला का प्लान भाजपा की निगम परिषद ने बनाया था लेकिन वह पूरा नही कर पाई कांग्रेस परिषद ने इसे अपने कार्यकाल में पूरा किया है। इसके अनुपयोगी होने से जनता के साढ़े तीन करोड़ अब पानी मेंं डूबते नजर आ रहे है।