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छत्तीसगढ़ में डबल रिटर्न देने का झांसा देकर 61 लाख की धोखाधड़ी

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बिलासपुर। सरकंडा क्षेत्र में रुपये डबल करने का झांसा देकर 61 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने कुछ लोगों को कंपनी में नौकरी रखकर उनसे ही रुपये जमा करा लिए। इसके बाद ना तो उन्हें वेतन दिया गया और ना ही उनके रुपये वापस किए गए। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा पुलिस धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

तारबाहर के इंदिरा कालोनी में रहने वाले विरेंद्र मसीह ने पुलिस को बताया कि राधिका विहार में रहने वाला मानस रंजन मिश्रा त्वरित निदान माइक्रो फाइनेंस कंपनी चलाता है। उसकी पत्नी प्रभा मिश्रा के नाम पर एपी वेंचर नाम से संस्था का संचालन किया जा रहा है। उनकी संस्था से अलग-अलग लोगों को कर्ज दिया जाता है। कंपनी के डायरेक्टर मानस ने विरेंद्र को कर्ज लेने वालों के दस्तावेज वेरीफिकेशन के लिए नौकरी पर रखा था। इसके लिए उसने 23 हजार रुपये महीने सैलरी देने की बात कही।

उसकी बातों में आकर विरेंद्र ने एक साल तक उनके संस्थान में काम किया। कुछ दिनों तक नौकरी करने के बाद कंपनी के डायरेक्टर ने विरेंद्र को कंपनी में निवेश करने के लिए कहा। इस दौरान उन्हें सात से 12 महीने में रुपये डबल होने की बात कही। उनकी बातों में आकर विरेंद्र ने जनवरी 2023 से सितंबर 2023 तक अलग-अलग कर कंपनी में करीब 23 लाख रुपये जमा करा दिए। इस बीच उन्हें केवल दो महीने का वेतन दिया गया।

बाद में उन्हें थोड़े-थोड़े रुपये दिए जाने लगे। रुपये के संबंध में पूछने पर पति-पत्नी गोलमोल जवाब देते थे। बाद में उन्होंने सेलरी भी देना बंद कर दिया। जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो बदसलूकी करने लगे। विरेंद्र ने बताया कि पति-पत्नी ने अमित पाटनवार से 16 लाख और रोशनी जांगड़े से करीब 22 लाख 50 हजार रुपये लिए हैं। उन्हें भी रुपये वापस नहीं किया गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।