दुर्ग में मोदी की गारंटी और जातीय समीकरण आमने सामने, कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबला दिलचस्प व रोचक कांटे की टक्कर

दुर्ग(चिन्तक)। छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल में से एक दुर्ग लोकसभा में मुकाबला बेहद रोचक व दिलचस्प हो गया है। मोदी की गारंटी और जातीय समीकरण आमने सामने है कांग्रेस 2014 का इतिहास दुहराएगी या फिर भाजपा 2019 की जीत को कायम रखेगी। इसका अनुमान लगा पाना कठिन हो रहा है। बहरहाल मुकाबला एक तरफा न होकर कांटे की टक्कर का बनता नजर आने लगा है।
भाजपा से मौजूदा सांसद विजय बघेल लोकसभा प्रत्याशी है। उन्होने पिछला चुनाव साढ़े चार लाख से अधिक मतो के अंतर से जीता था और राज्य में कांग्रेस की सरकार के सत्तासीन होने के बाद भी पूरे नौ विधानसभा से बढत हासिल की थी।
इस बार प्रदेश में भाजपा की सरकार है लोकसभा की 9 में से 7 सीटो पर भाजपा के विधायक है। इसके अतिरिक्त मोदी लहर व भाजपा सरकार द्वारा किसानो को धान खरीदी का एक मुश्त भुगतान महतारी वंदन योजना की वजह से भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल का आत्म विश्वास बढ गया है और जीत को लेकर आश्वस्त है।
कांग्रेस के नये चेहरे के रूप में युवा राजेन्द्र साहू उम्मीदवार है। दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में साहू समाज की बहुलता ने राजेन्द्र साहू को मजबूत स्थिति में ला दिया है। साहू समाज राजेन्द्र साहू के लिए तेजी से एक जुट हो रहा है।
राजेन्द्र साहू कुर्मी समाज में भी लोकप्रिय है। स्व. वासुदेव चंद्राकर से लेकर भूपेश बघेल से निकटता व पाटन में चुनाव संचालन व जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का अध्यक्ष रहकर उन्होने पूरे लोकसभा क्षेत्र में अपनी खास पहचान बना ली है। इसके अतिरिक्त सतनामी समाज मुस्लिम समाज, ब्राम्हण समाज का भी श्री साहू को अच्छा समर्थन मिल रहा है।
भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू, प्रदीप चौबे रविन्द्र चौबे, अरूण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, राजेश यादव, नीरजपाल निर्मल कोसरे. आर.एन.वर्मा, बी.डी. कुरैशी, प्रतिमा चंद्राकर, क्षितिज चंद्राकर,सहित सारे दिग्गज राजेन्द्र साहू को जीताने सक्रिय है। भाजपा की मोदी की गारंटी का जवाब कांग्रेस जातीय समीकरण के माध्यम से दे रही है।
दुर्ग लोकसभा की नौ विधानसभा में भाजपा मेंं दुर्ग शहर से विधायक गजेन्द्र यादव, दुर्ग ग्रामीण से ललित चंद्राकर, वैशाली नगर से रिकेश सेन अहिवारा से डोमनलाल कोर्सेवाड़ा , साजा से ईश्वर साहू बेमेतरा से दीपेश साहू, भिलाई से पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडे व पाटन में जिला भाजपाध्यक्ष जीतेन्द्र वर्मा सक्रिय है।
पिछले लोकसभा के चुनाव में विजय बघेल के मुकाबले प्रतिमा चंद्राकर कमजोर प्रत्याशी थी। मतदाताओ ने कोई रूचि प्रदर्शित नही की थी लेकिन इस बार राजेन्द्र साहू का वजन भारी है और मतदाताओं की रूचि का पात्र भी बने हुए है। कौन किस पर भारी पड़ेगा इसका पता मतदान के बाद चलेगा।