महाकाल की भस्म आरती में अब नया सिस्टम लागू, बताना होगा मोबाइल नंबर

उज्जैन| मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए शुक्रवार से नया सिस्टम लागू किया गया है। इससे दलाली और अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगेगी।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में अल सुबह होने वाली भस्म आरती में अब सही भक्तों को ही एंट्री मिल पाएगी। इसके लिए मंदिर समिति ने एक नया सिस्टम लागू किया है। यह सिस्टम भस्म आरती में होने वाली दलाली और अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने में सहायक होगी।

इस हाईटेक व्यवस्था में अब भक्तों को भस्म आरती के दौरान आर.एफ.आई.डी. रिस्ट बैंड के माध्यम से प्रवेश मिलेगा। इस व्यवस्था के तहत श्री महाकाल महालोक मानसरोवर भवन से जनरल व अवंतिका द्वार (द्वार संख्या 01) मोबाइल नंबर बताने के बाद रिस्ट बैंड पर क्यू.आर.कोड प्रिंट कर तत्काल श्रद्धालुओं को दिया जाएगा।

महाकाल भस्म आरती में लगातार शिकायत मिल रही थी कि दलाल सक्रिय हैं। किसी अन्य भक्त की परमिशन पर किसी और भक्त से रुपये लेकर इंट्री करा दी जाती है। इन शिकायतों के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भस्म आरती की प्रवेश व्यवस्था में शुक्रवार से बदलाव कर दिया गया।

इस व्यवस्था के तहत भस्म आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तों को आर.एफ.आई.डी. रिस्ट बैंड के माध्यम से प्रवेश देना प्रारंभ किया गया है। उज्जैन के कलेक्टर नीरज सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और महाकाल मंदिर प्रशासन के गणेश धाकड़ ने इस नई व्यवस्था का निरीक्षण किया।

महाकाल भस्म आरती के पहले भक्तों को परमिसन के आधार पर इंट्री गेट तक पहुंचना पड़ता है। इसके लिए मंदिर के द्वार पर पहुंचकर अनुमति दिखाना होती है। यह द्वार महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन से जनरल व अवंतिका द्वार (वीआईपी) बनाए गए हैं।

शुक्रवार से श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल नंबर बताने के बाद रिस्ट बैंड पर QR कोड प्रिंट कर दिया गया। मंदिर में प्रवेश लेने के बाद आरएफआईडी बैंड चेक होगा। बैंड की चेकिंग से फर्जी और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लग सकेगी। सभी भक्तों को भस्म आरती के दौरान इसे पहनना अनिवार्य होगा।

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