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अप्रैल में केवल 1.33 लाख लोग ईपीएफओ से जुड़े

नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के दौरान अप्रैल माह में केवल 1.33 लाख नए पंजीकरण किए गए हैं। यह आंकड़ा मासिक औसत से काफी कम है। ईपीएफओ में पंजीकरण के आंकड़े संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति का संकेत देते हैं।सरकार ने कोविड-19 पर रोकथाम के लिए 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू किया था। ईपीएफओ द्वारा पिछले महीने जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस साल मार्च में नए पंजीकरण घटकर 5.72 लाख रहा।
फरवरी, 2020 में 10.21 लाख नए लोग ईपीएफओ से जुड़े थे। ईपीएफओ में हर माह औसतन सात लाख नए सदस्य जुड़ते हैं। ईपीएफओ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 में ईपीएफओ के साथ 78.58 लाख नए सदस्य जुड़े। इससे पिछले वित्त 2018-19 के दौरान यह आंकड़ा 61.12 लाख का रहा था। ईपीएफओ अप्रैल, 2018 से नए सदस्यों के पे-रोल आंकड़े जारी कर रहा है। इसके लिए सितंबर, 2017 से आंकड़ों को शामिल किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार सितंबर, 2017 से अप्रैल, 2020 के दौरान शुद्ध रूप से नए सदस्यों या अंशधारकों की संख्या 1.56 करोड़ रही। ईपीएफओ के साथ सितंबर, 2017 से मार्च, 2018 के दौरान शुद्ध रूप से 15.52 लाख नए नामांकन हुए।
उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया था कि अब ईपीएफओ के देशभर में स्थित कार्यालय में उसके किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से किए गए दावों का निपटान कर सकेगा। इस नई पहल के तहत भविष्य निधि, पेंशन, आंशिक निकासी और दावों तथा हस्तांतरण जैसे सभी प्रकार के ऑनलाइन दावों का निपटान किया जा सकेगा।

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