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बालोद शहर के बाजारों में पसरा सन्नाटा, न्यायालय स्थानांतरण के विरोध में उतरे व्यापारी

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बालोद| आज बालोद शहर का चप्पा चप्पा पूरी तरह बंद है। शहर के सभी व्यापारिक संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। सोमवार सुबह से ही व्यापारी दुकानों को बंद करने के लिए निकले हुए थे। शहर के सभी छोटे बड़े व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखा है। दरअसल बालोद शहर में बना जिला एवं सत्र न्यायालय को शहर के समीप ग्राम पंचायत सिवनी में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसका व्यापारिक द्वारा विरोध किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष राजू पटेल ने बताया कि बालोद शहर से सभी शासकीय कार्यालय को धीरे-धीरे षडयंत्र पूर्वक शहर से बाहर ले जाया जा रहा है। इसके कारण जो भी छोटे बड़े व्यवसाय हैं उन सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज व्यापार की हालत काफी खराब है और यदि एक कार्यालय न्यायालय के रूप में जो बालोद में बना है उसे भी बाहर ले जाया गया तो व्यवसाय को काफी हानी होगी। वहीँ कपड़ा व्यापारी अमित चोपड़ा ने कहा कि हम में से अधिकतर लोग लोन लेकर व्यापार करते हैं। ऐसे तो शहर की रौनक धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम सब प्रशासन की इस फैसले को अब और नहीं बर्दाश्त करेंगे।

चार बार के पार्षद रहे कमलेश सोनी ने कहा कि प्रशासन का जो रवैया शहर वासियों के साथ है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि हफ्ता भर के भीतर यहां पर कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो  शहर को भी अनिश्चितकालीन बंद किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हम सब भाजपा और कांग्रेस सहित आम जनता व्यापारी सभी के हित के लिए सड़कों पर उतरे हुए हैं। शहर में घूम कर लोगों को जागरुक कर रहे हैं।

कारोबारी कांतिलाल जैन ने बताया कि यहां पर व्यापार ठंडा पड़ रहा है। हम नया प्रतिष्ठान डालते भी हैं तो व्यापार काफी मंद गति चलता है ऐसे में एक जिला एवं सत्र न्यायालय को स्थानांतरित करने से शहर के व्यापारियों को काफी फर्क पड़ेगा।