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जेवर खरीदने के बाद करता था फर्जी ऑनलाइन भुगतान, हैरान कर देगा ठगी का तरीका

giraftar

झारखंड| मुंबई की आभूषण दुकानों से लाखों की ठगी कर भागे आरोपी को मुंबई पुलिस ने मंगलवार सुबह झारखंड के जुगसलाई के एक होटल से गिरफ्तार किया है। उसपर आभूषण दुकान में जेवरात खरीदने के बाद फर्जी भुगतान करने का आरोप है। आरोपी प्रेम प्रकाश मूल रूप से गोड्डा का रहने वाला है। वह पिछले तीन दिनों से जुगसलाई के होटल में ठहरा था।

प्रेम प्रकाश अपने साथ एक महिला को लेकर जाता था और दुकान में आभूषण की खरीदारी करता था। आभूषण के पैसे वह ऑनलाइन देता था। दुकानदार के पास रुपए भुगतान का मैसेज तो आता था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आते थे। पैसा क्रेडिट होने का मैसेज देखकर दुकानदारों को लगता था कि खाते में पैसा आ ही गया होगा। लेकिन ठग ने ऐसा तरीका अपनाया था जिससे केवल मैसेज ही जाता था। असल में वह पैसे ट्रांसफर ही नहीं करता था। इस तरह से उसने मुम्बई के करीब पांच दुकानदारों को अपना शिकार बनाया और उसके बाद वहां से फरार होकर जमशेदपुर आ गया। पुलिस को उसका मोबाइल नंबर हाथ लगा था, जिसके आधार पर एक टीम जमशेदपुर पहुंची और जुगसलाई के होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने से पहले आरोपी प्रेम प्रकाश की एमजीएम अस्पताल में चिकित्सा जांच कराई गई। जांच में उसे स्वस्थ्य बताया गया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे मुंबई ले जाने की इजाजत दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उससे मुंबई में पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही जेल भेजा जाएगा। मुंबई पुलिस दो दिन पहले जमशेदपुर आई थी व आरोपी को लोकेशन के आधार पर तलाश रही थी। जानकारी मिलने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

धोखाधड़ी के आरोप में गोड्डा निवासी को जमशेदपुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुरेंद्र बेदिया की अदालत में पेश किया गया, जहां अधिवक्ता देवाशीष ने आरोपी की ओर से पक्ष रखा। अधिवक्ता के अनुसार, अदालत से तीन दिन का रिमांड मिला है। इधर, महाराष्ट्र पुलिस ने डीएलएसए के रिमांड अफसर को बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। जमशेदपुर पुलिस भी ठग की छानबीन कर रही है। पुलिस जानने में जुटी है कि जमशेदपुर में उसने किसी को अपना शिकार तो नहीं बनाया।

प्रेम प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए मुंबई से चार सदस्यीय टीम जमशेदपुर आई थी। उनके पास गिरफ्तारी के सारे सबूत थे, जिसे पहले एसएसपी को बताया गया और उनके निर्देश पर ही जुगसलाई पुलिस की टीम ने छापेमारी की।