उत्तराखंड में लिव-इन के लिए कराना है रजिस्ट्रेशन, जान लीजिए कितनी लगेगी फीस?

देहरादूनः उत्तराखंड में सोमवार से यानी कि 27 जनवरी से यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो गया है| उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है| यूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अब से अनिवार्य हो गया है| साथ ही बहुविवाह पर भी रोक लगा दी गई है| साथ ही जिन लोगों ने पहले से बहुविवाह कर रखा है, उन लोगों को भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा| जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन के 15 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा| इसके लिए ढाई सौ रुपये का शुल्क होगा| वहीं अगर तत्काल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए तो इसके लिए ढाई हजार रुपये फीस देनी होगी| रजिस्टार को 15 दिन में एप्लिकेशनल एड्रेस करनी होगी| अन्यथा एप्लीकेशन सो मोटो रजिस्टार जरनल को चली जाएगी| यूसीसी में रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है| बहुविवाह पर आज से पूरी तरह से रोक लग गई है| खासकर मुस्लिम कम्युनिटी में जो लोग इससे पहले बहुविवाह में हैं , उनको भी रजिस्ट्रशन कराना होगा|
उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करना 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक था| मार्च में दोबारा सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उसका मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन पर मुहर लगा दी गयी थी|
उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति गठित की गयी थी, जिसने लगभग डेढ़ वर्ष में विभिन्न वर्गों से बातचीत के आधार पर चार खंडों में तैयार अपनी विस्तृत रिपोर्ट दो फरवरी 2024 को राज्य सरकार को सौंपी| रिपोर्ट के आधार पर 7 फरवरी 2024 को राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में यूसीसी विधेयक पारित कर दिया गया और उसके एक माह बाद 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने भी उसे अपनी मंजूरी दे दी| यूसीसी अधिनियम बनने के बाद पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित की गयी एक समिति ने इसके क्रियान्वयन के लिए नियमावली तैयार की जिसे हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने भी मंजूरी दे दी|