डीआईजी की पत्नी BJP के खिलाफ लड़ रही चुनाव, ससुर भी आजमा रहे भाग्य, जीते तो पत्नी, ससुर एक साथ पहुंचेंगे जिला पंचायत
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रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव खत्म होते ही पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बस्तर जिला पंचायत अपने दो प्रत्याशियों को लेकर इन दिनों चर्चा में है। वहां पिता और पुत्री की जोड़ी चुनाव मैदान में हैं। दोनों अलग-अलग इलाके से सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं।
दोनों राज्य के डीआईजी के करीबी रिश्तेदार हैं। यदि दोनों चुनाव जीत जाते हैं तो संभवतः राज्य में ऐसा पहली बार होगा कि जब एक जिला पंचायत में पिता और पुत्री दोनों सदस्य होंगे। बस्तर जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 से समुंद साय कच्छ प्रत्याशी हैं। समुंद साय कच्छ को राज्य की पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह की सरकार ने छत्तीसगढ़ वन विकास निगम का एमडी बनाया था। समुंद साय कच्छ मूलतः बस्तर के ही रहने वाले हैं। इसी जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 10 से सुशीला कश्यप सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। सुशीला कश्यप वन विकास निगम के पूर्व एमडी समुंद साय कच्छ की पुत्री हैं। सुशीला कश्यप के पति का नाम कमल लोचन कश्यप है। आईपीएस कश्यप इस वक्त बस्तर संभाग में ही पदस्थ हैं। कमललोचन कश्यप राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। वे कई जिलों के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।
हालांकि, सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ किसी अफसर की पत्नी का चुनाव लड़ने का यह पहला मामला नहीं है। बीजेपी सरकार के दौरान सीनियर आईएएस पंकज द्विवेदी की पत्नी नीरजा द्विवेदी कांग्रेस की सियासत में रही। वहीं, एक और आईपीएस की पत्नी विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रही अनिला भेंड़िया ने 2013 में जब पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था तब उनके पति रविंद्र भेंड़िया राज्य पुलिस में आईजी थे। अनिला भेड़यि 2018 में भी डौंडी-लोहरा सीट से चुनाव जीता और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहीं। 2023 में कांग्रेस की टिकट पर वे तीसरी बार विधायक चुनी गई हैं। आईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए रविंद्र भेड़यि का 2020 में निधन हो गया था।