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कोठागुडेम-किरंदुल रेललाइन: बस्तर की उम्मीदों, विकास और विश्वास को मिला ट्रैक-सीएम साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोठागुडेम-किरंदुल रेललाइन परियोजना को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह केवल एक रेललाइन नहीं, बल्कि बस्तर अंचल के लिए आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा दृष्टि से परिवर्तन का मार्ग है। उन्होंने कहा कि इस रेलमार्ग के माध्यम से नक्सल प्रभावित सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में विकास की बुनियादी धारा प्रवाहित होगी, जहाँ दशकों से रेल कनेक्टिविटी एक सपना बनी रही।

मुख्यमंत्री ने कहा “कोठागुडेम-किरंदुल रेललाइन केवल एक रेल परियोजना नहीं है, बल्कि यह बस्तर के भीतर उम्मीद, विकास और विश्वास की पटरी बिछाने का कार्य है। यह मार्ग वहाँ के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, युवाओं को रोजगार के अवसर देगा और व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं को गति प्रदान करेगा।”केंद्र और रेलवे के सहयोग के लिए जताया आभार मुख्यमंत्री साय ने भारत सरकार और भारतीय रेल के प्रति विशेष आभार जताया, जिनके संयुक्त प्रयासों और समन्वय से यह परियोजना अब धरातल पर आकार ले रही है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘सबका साथ, सबका विकास ‘ के मूल मंत्र को साकार करती है। क्या है कोठागुडेम-किरंदुल रेललाइन परियोजना यह रेललाइन तेलंगाना के कोठागुडेम से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के किरंदुल तक प्रस्तावित है। परियोजना का अधिकांश हिस्सा बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों से होकर गुजरता है। यह मार्ग खनिज संपदा, वन उपज, और स्थानीय उत्पादों को बाजारों तक पहुँचाने में भी मदद करेगा।

 

 

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