छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को सख्त चेतावनी, समायोजन के बाद ज्वाइन नहीं करने पर रुकेगा वेतन, आदेश जारी
रायपुर। युक्तियुक्तकरण के बाद नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्त रुख अपनाया है। सभी डीईओ को ऐसे शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में समायोजन प्रक्रिया के बाद अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि जो शिक्षक नई पदस्थापना के बावजूद ज्वाइन नहीं कर रहे हैं, उनका वेतन रोक दिया जाए। यह आदेश सीधे जि़ला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को जारी किया गया है।
शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर नहीं हो रही सुनवाई
जिन शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत नई जगह भेजा गया है, वे लंबे समय से अभ्यावेदन दे रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे कई शिक्षक मानसिक रूप से परेशान हैं और अब विभागीय आदेश के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
1200 से ज्यादा स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी
बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी अभी भी बनी हुई है। लगभग 1208 स्कूल अब भी एकल शिक्षकीय रह गए हैं। हालांकि सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती और प्रधान पाठक व व्याख्याताओं की पदोन्नति के माध्यम से यह कमी पूरी कर दी जाएगी।