NGO को पांच करोड़ डोनेशन दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी, दिल्ली के शातिर ने ऐसा लगाया चूना
भिलाई। दिल्ली में बैठे शातिर ने पांच करोड़ रुपए का डोनेशन दिलाने के नाम पर एक एनजीओ के डायरेक्टर को 20 लाख का चूना लगा दिया। डायरेक्टर को शातिर से ऐसे झांसे में लिया कि अलग-अलग किश्तों में उसे 20 लाख 50 हजार रुपए दे दिए। इतनी रकम लेने के बाद शातिर ने डोनेशन के लिए मना कर दिया। इसके बाद जब एनजीओ के डायरेक्टर ने अपने रुपए मांगे तो उसने कह दिया कि तुम्हारे रुपए डूब गए। इस मामले में डायरेक्टर की शिकायत पर पुरानी भिलाई पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी क अनुसार एलआईजी 556 पदमनाभपुर में रहने वाले कृष्णकांत शर्मा (46) ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि श्री राम बालकृष्ण वेलफेयर सोसाइटी के इलेक्ट्रीशियन विभाग में डायरेक्ट के पोस्ट पर है। उनकी सोसायटी समाज सेवा का काम करती है। कसारडीह दुर्ग में स्वर्ण ज्वेलर्स के नाम से उसके दोस्त अंकुर जैन की दुकान है। 26 मई को उसके दोस्त ने बताया कि उसका एक दोस्त है जो दिल्ली में रहता है और बड़े कार्पोरेट कंपनियों से एनजीओ को करोड़ों का डोनेशन दिलाता है।
कृष्णकांत जिस संस्था में काम करता है वह भी एनजीओ है और उसने श्री बालकृष्ण सोशल वेलफेयर सोसाइटी इंदौर एनजीओ के डायरेक्टर विकास सेनवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विकास सोनवार से उससे संपर्क कर अपने एनजीओ को ऐसा कोई डोनेशन दिलाने कहा। इसके बाद अंकुर जैन ने संतोष तिवारी की बात कृष्णकांत व विकास सोनवार से कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई। संतोष तिवारी ने बड़ी कंपनी से उसके एनजीओ को पांच करोड़ दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए आपके एनजीओ का डॉक्यूमेंट लगेगा। इसके बाद विकास सेनवार ने अंकुर जैन को व्हाट्सएप के माध्यम से अपने एनजीओ का डॉक्यूमेंट भेजे जिसे अंकुर जैन ने संतोष तिवारी को भेज दिया।
इसके बाद 27 मई को संतोष तिवारी ने विकास सेनवार, कृष्णकांत व अंकुर जैन को फोन कर बताया कि उनके डॉक्यूमेंट कंपनी ने स्वीकृत कर लिए हैं और उन्हें पांच करोड़ डोनेशन आरटीजीएस किया जाएगा। लेकिन इसके पहले चालीस लाख रुपए का एडवांस देना होगा। इस पर अंकुर जैन व विकास सेनवार ने कहा कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे पाएंगे काम होने के बाद ही पेमेंट कर पाएंगे। इस पर संतोष तिवारी ने कहा कि बिना एडवांस दिए काम नहीं होगा। इसके बाद बीस लाख रुपए एडवांस देने पर सहमति बनी।
इसके बाद कृष्णकांत, विकास सेनवार को संतोष तिवारी ने मुंबई के एक बैंक खाता भेजा। इसके बाद अलग अलग खातों में 15 लाख रुपए ट्रांसफर करने के बाद डोनेशन की बात की तो संतोष तिवारी ने हैदराबाद बुलाया। संतोष तिवारी के बुलावे पर अंकुर जैन व विकास सेनवार 26 जून को हैदराबाद के होटल आरिस रोड नंबर 12 बंजारा हिल्स पहुंचे। यहां संतोष तिवारी ने एनजीओ के मूल दस्तावेज चेक किया और बैलेंस शीट ओरिजिनल नहीं है कहकर पैसा डूब जाने की बात कही। आग्रह करने पर पेपर बनवाने के नाम पर फिर पांच लाख ले लिए।
इसके बाद एक जुलाई को फिर हैदराबाद गए तो संतोष तिवारी मिला और पैसे देने की बात की और बाद में फोन करके बोला कि आप लोग आने में लेट हो गए आपका पैसा डूब गया। इस तरह संतोष तिवारी उर्फ राहुल तिवारी ने कपटपूर्वक बेईमानी से श्री राम बालकृष्ण सोशल वेलफेयर सोसाइटी इंदौर एनजीओ को किसी कंपनी से पांच करोड़ डोनेशन दिलाने के नाम पर कृष्णकांत, विकास सेनवार व अंकुर जैन से 2050000 जमा करा कर धोखाधड़ी की। इसकी शिकायत साइबर पोर्टल में भी दर्ज कराई गई है। वहीं इस मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने संतोष तिवारी पिता तारकेश्वर तिवारी पता प्लॉट नंबर 22/21 गली नंबर 21/22 युजीएफ 3 ओम विहार फेस 3 वेस्ट दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।