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मुझे शव के साथ रेप करने में मजा… 30 बच्चियों का रेप, गुनाह ऐसे क‍ि घिन आ जाए, रविंदर ऐसे ढूंढता था टारगेट!

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दिल्ली: करीब 30 बच्चों की जिंदगी से खेलने वाला सीरियल किलर रविंदर कुमार, उस समय नाबालिग था जब उसने पहले बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाया. रविंदर ने 7 साल में 30 बच्चों का रेप किया और उन्हें मार दिया था. उसने ज्यादातर रेप दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी के इलाकों में किए थे.

लापता होने वाले बच्चों के दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता एक बार पुलिस के पास शिकायत लेकर जाते थे लेकिन बाद में फालोअप नहीं करते थे. इसका फायदा रविंदर उठाता. उसने किसी बच्चे को हवस का शिकार बनाकर गाड़ दिया तो किसी को नाले में फेंक दिया. वर्ष बीतते गए और उसकी दरिंदगी के शिकारों की संख्या बढ़ती रही, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. पुलिस की तफ्तीश ने रविंद्र कुमार तक पहुंचाया. उसकी गिरफ्तारी हुई. पूछताछ के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए.
उसके निशाने पर ज्यादातर 6 से 12 साल की बच्चियां थीं. जब पहली बार उसे पकड़ा गया, तो सिर्फ एक हत्या की जांच चल रही थी. लेकिन रविंदर ने खुद मुंह खोलकर खौफनाक सच उगल दिया. उसने कहा था, ‘मैंने बच्चों का अपहरण किया, रेप किया और फिर उन्हें मार डाला. यहां तक कि शव के साथ भी रेप किया. मुझे इसमें मजा आता था.’
2008 में रविंदर उत्तर प्रदेश के कासगंज से दिल्ली आया था. उस समय उसकी उम्र 18 साल थी. उसके पिता प्लम्बर का काम करते थे और मां लोगों के घरों में खाना और साफ-सफाई का काम करती थी. दिल्ली आने के बाद वह शराब और ड्रग्स का आदि हो गया. साथ ही उसको पोर्न वीडियो देखने की लत लग गई.
उसने बताया कि वह हर शाम शराब पीता या ड्रग्स लेता और फिर अपने टारगेट यानी नाबालिग बच्चों की तलाश में निकल जाता था. इसके लिए वो एक दिन में 40 किमी तक पैदल भी चल लेता था. सबसे पहले उसने 2008 में एक बच्ची का रेप कर उसे मार दिया था. पहली बार अपराध करके पकड़े नहीं जाने पर उसकी हिम्मत बढ़ गई. फिर यह उसका रोज का सिलसिला बन गया.

रविंदर ने बताया कि वह बच्चों को पास बुलाने के लिए 10 रुपए के नोट या टॉफी का लालच देता था. फिर उन्हें पकड़कर सुनसान इलाके में ले जाता था. वहां वह उनका रेप करता और बाद में उनकी हत्या कर देता. दोषी ने अपने बयान में बताया कि उसने 7 सालों में 6 से 12 साल की उम्र के बच्चों का रेप किया था.
साल 2014 में पहली बार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन सबूतों की कमी से अदालत ने छोड़ दिया. साल 2015 में 6 साल की बच्ची के अपहरण केस में दिल्ली के रोहिणी से फिर पकड़ा गया. इस बार पुलिस के पास पुख्ता सबूत थे. मजबूत चार्जशीट के बाद मई 2023 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. तब से वो सलाखों के पीछे हैं.

वहीं अब दिल्ली की अदालत ने शनिवार को इस हैवान दरिंदे को एक बार फिर गुनहगार करार दिया. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत पेश किए हैं और आरोपी की सफाई में कोई दम नहीं है. अब उसे 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी. अदालत ने रविंदर कुमार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 (हत्या) और 363 (अपहरण) के तहत दोषी करार दिया. अदालत ने साफ कहा, ‘उसका अपराध अमानवीय और निर्मम है. न समाज को, न अदालत को और न ही कानून को उसके लिए किसी नरमी की गुंजाइश है.’

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