प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन का किया लोकार्पण, कहा-मैं अतिथि नहीं इस परिवार का हिस्सा हूं
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर पहुंचे हैं. अपने एक दिवसीय रायपुर दौरे के बीच उन्होंने नवा रायपुर के सेक्टर-20 में ‘ब्रह्माकुमारी संस्थान’ के नवनिर्मित शांति शिखर रिट्रीट सेंटर ‘एकेडमी फॉर ए पीसफुल वल्र्ड’ का लोकार्पण किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रम्हकुमारी संस्थान के शांति शिखर ध्यान केन्द्र का उद्द्याटन किया, कहा कि भारत के विकास यात्रा में ब्रम्हकुमारी जैसी संस्थाओं की अहम भूमिका है, मै ब्रम्हकुमारी संस्था से जुड़ा हूं,मैं अतिथि नहीं परिवार का हिस्सा हूं, मैने आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह बढ़ते देखा है। आचरण ही सबसे बड़ा धर्म,तप और ज्ञान है। कथन और करनी में एकता ही सबसे बड़ा असली बदलाव लाती है ब्रम्हकुमारी में हर बहन कठोर तप और साधना में खुद को तपाती है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यपाल रमेन डेका मौजूद रहे. वहीं संस्थान की ओर से अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती, अतिरिक्त महासचिव डॉ. राजयोगी बीके मृत्युंजय, रायपुर की संचालिका बीके सविता मौजूद रहे.
सात साल में बनकर तैयार हुआ शांति शिखर
संस्था की तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके कमला के मार्गदर्शन में 15 जनवरी 2018 को शांति शिखर की नींव रखी गई थी. वर्ष 2022 में उनके देवलोकगमन से पहले लगभग 80 प्रतिशत काम हो गया था. जमीन ठोस नहीं होने की वजह से काफी गहराई तक मिट्टी निकाल कर स्लैब ढाला गया. इसी पर भवन के सारे कॉलम खड़े किए गए. जोधपुर के कारीगरों ने सात साल में राजस्थानी शैली के इस भवन को तैयार किया है. इसके लिए 150 से अधिक ट्रकों में जोधपुर से पिंक स्टोन मंगाए गए. इंदौर जोन के पूर्व निदेशक राजयोगी ओम प्रकाश भाई का संकल्प था कि रायपुर में ब्रह्माकुमारीज़ का सबसे अनोखा रिट्रीट सेंटर बनाया जाए, जिसे शांति शिखर के रूप में आकार दिया गया.
रायपुर क्षेत्र में 50 सेवाकेंद्र और 500 उपसेवाकेंद्र संचालित-
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के रायपुर यूनिट के तहत 50 सेवाकेंद्र और 500 उप सेवाकेंद्र संचालित हैं. शांति शिखर के निर्माण के लिए सभी केंद्रों में दान-कोष (भंडारी) लगाई गई थी. इसमें संस्थान से जुड़े सभी सदस्य वर्ष 2018 से हर दिन कम से कम एक रुपया का सहयोग करते रहे हैं. इस भवन के निर्माण में हर एक कार्य को बड़ी ही बारीकी और महीनता के साथ पूरा किया गया है. यहां अंदर प्रवेश करते ही दिव्य एवं शांति अनुभूति और पवित्रता के प्रकम्पन्नों को साफ महसूस किया जा सकता है.
ब्रह्माकुमारीज द्वारा गुलाबी पत्थर से बनाई गई पहली इमारत-
ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विश्वभर में पिंक स्टोन से बनाई गई यह पहली इमारत है. छत्तीसगढ़ में प्रेस टेंसाइल बीम तकनीक से बनी यह पहली इमारत है. आमतौर पर इस तकनीक से बड़े-बड़े ब्रिज बनाए जाते हैं. 105 फीट ऊंची, 150 फीट चौड़ी और 225 फीट लंबी इस इमारत में अभी दो मंजिले और बनाई जा सकती हैं.