पेड़ से लटककर झूलती रही बस: 32 यात्रियों की सांसे अटकी रही, 40 फीट गहरी खाई में गिरने से ऐसे बची बस
बिलासपुर। केंदा घाटी में 32 यात्रियों से भरी बस मंगलवार शाम सड़क से उतर गई। बस सीधे घाट के किनारे बने कंक्रीट वॉल से टकराई और पेड़ के सहारे लटक गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। पेड़ की वजह से 31 यात्री बाल-बाल बच गए। दरअसल पेड़ से कुछ दूरी पर नीचे 40 फीट गहरी खाई में बस गिरती तो और कई जानें जा सकती थी। घटना कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना चौकी के केंदा के पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र की है।
मंगलवार शाम दीप ट्रेवल्स की बस सीजी 10 जी 0336 बस मरवाही से बिलासपुर के लिए रवाना हुई थी। बस अर्जुन कश्यप नामक चालक चला रहा था। बस में 32 यात्री सवार थे। शाम करीब 6 बजे बस कारीआम के आगे केंदा घाटी पर पहुंची थी। घाट के मोड़ पर चढ़ते समय बस की रफ्तार तेज थी। तभी अचानक बस ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गई और सीधे सड़क के किनारे बने कंक्रीट की दीवार से टकराते हुए पेड़ के सहार दो पहियों में लटक गई।
बस के लटकने से भीतर बैठे यात्री दूसरी तरफ आ गए। बस में सवार ग्राम केंदा सेमरी निवासी यशपाल कंवर (20) को गंभीर चोट आई। वहीं 6 अन्य यात्री भी घायल हुए। डरे सहमे यात्रियों ने एक दूसरे की मदद करते हुए सभी नीचे उतरे। तत्काल यशपाल को एंबुलेंस बुलाकर रतनपुर सीएचसी रवाना किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि यशपाल रिश्तेदार के घर जीपीएम जिले के मुरमुर गया था। इधर, बेलगहना चौकी पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
पेड़ नहीं होता तो बस सीधे 40 फीट नीचे खाई में होती:
बस में सवार एक यात्री ने बताया कि खराब सड़क के बावजूद घाट में बस की रफ्तार तेज थी। घाट पर जैसे ही बस मुड़ी पहिया गड्ढे पर पड़ा और गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई। सब कुछ ड्राइवर के कंट्रोल से बाहर हो गया। गनीमत रही की बस कंक्रीट वॉल से टकराने के बाद पेड़ के सहारे लटक गई। नहीं तो यात्रियों से भरी बस सीधे 40 फीट नीचे खाई में होती।