युद्ध के बीच IAEA की गंभीर चेतावनी: रेडिएशन फैलने का खतरा, कई शहरों को कराना पड़ सकता है खाली
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Mariano Grossi ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर गहरी चिंता जताई है। सोमवार को उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में रेडियोलॉजिकल रिसाव यानी रेडिएशन फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह बयान 2 मार्च 2026 को वियना में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के दौरान आया, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) प्रमुख राफेल ग्रॉसी ईरान के परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. ईरान में मौजूदा सैन्य तनाव के की वजह से अब तक इन अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है. ग्रॉसी ने ईरान और अन्य संबंधित पक्षों से सभी सैन्य अभियानों में अत्यंत संयम बरतने की गुजारिश की है. क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए परमाणु एजेंसी इस संवाद को जल्द से जल्द बहाल करना चाहती है.
ईरान में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने गहरी चिंता जताी है. उन्होंने बताया कि ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिशें अब तक विफल रही हैं और कोई जवाब नहीं मिला है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि संघर्ष को और ज्यादा बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर लौटना ही एकमात्र विकल्प है.
ग्रॉसी ने जोर देते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि सभी पक्ष वापस कूटनीति और बातचीत की मेज पर लौटें, जिससे और ज्यादा तनाव से बचा जा सके. ग्रॉसी ने सभी पक्षों से सैन्य ऑपरेशन्स में अत्यधिक संयम बरतने की गुजारिश की है. उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति में किसी भी तरह की सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्रीय और ग्लोबल पीस के लिए खतरा हो सकती है. उन्होंने दोहराया है कि सभी संबंधित पक्षों को जंग जैसे कदमों से बचना चाहिए.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के मुताबिक, यह संपर्क चैनल बेहद जरूरी है. वे उम्मीद कर रहे हैं कि बातचीत का यह माध्यम जल्द से जल्द फिर से स्थापित हो सके, जिससे स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके और परमाणु सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखी जा सके. IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बताया कि वे लगातार ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है.