छत्तीसगढ़ में प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई, 15 उद्योगों पर ताला, 9.22 लाख रुपये का जुर्माना
रावांभाठा स्थित मेटल पार्क क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 9 स्लैग क्रशर इकाइयां, 1 बाइंडिंग वायर यूनिट और 1 स्टील फर्नीचर इकाई बिना वैध अनुमति और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के संचालित पाई गईं। इन 11 इकाइयों के विरुद्ध वायु अधिनियम, 1981 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) के तहत कार्रवाई की गई।
सिलतरा स्थित एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम- जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में भी वायु प्रदूषण के मामले सामने आने पर 19 फरवरी को उत्पादन बंद करने और बिजली काटने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा क्षेत्र की छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड के खिलाफ भी प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए गए।
मंडल ने नियमों के उल्लंघन की अवधि को ध्यान में रखते हुए तीन उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग सभी वैधानिक शर्तों और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करेंगे, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।