शराब केस में बंद 12वीं के छात्र को हाईकोर्ट से जमानत, 24 दिन जेल में बिताने के बाद मिली राहत; पढ़ें पूरा मामला
बिलासपुर। 40 लीटर महुआ शराब रखने के जुर्म में पुलिस ने 12वीं क्लास के एक स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला बनाया और उसे जेल में डाल दिया। छात्र बीते 22 फरवरी से जेल में बंद था। स्टूडेंट ने अपने आपको निर्दोष बताने के साथ ही बोर्ड परीक्षा का हवाला देते हुए जमानत की गुहार हाई कोर्ट में लगाई थी। जमानत याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस ने छात्र को सशर्त जमानत दे दी है।
छत्तीसगढ़ सरायपाली क्षेत्र की पुलिस ने सूचना के आधार पर छात्र के घर छापामार कार्रवाई की। छापे के दौरान पुलिस ने छात्र से 40 लीटर महुआ शराब जब्त करने का दावा किया और छात्रा के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान स्टूडेंट की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने सिंगल बेंच को बताया, उसे झूठा फंसाया गया। जिस स्थान से शराब बरामद बताई गई वह घर के पीछे खुला क्षेत्र था, जहां से लोगों की आवाजाही होते रहती है। किसी ने शराब रख दी होगी, पुलिस ने उसे उसका बता दिया। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पास से सचेत कब्जा साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ता 12वीं का स्टूडेंट है और उसकी परीक्षाएं इसी महीने शुरू होने वाली हैं।
राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसरों ने जमानत का विरोध करते हुए कहा, अभी आरोप-पत्र दाखिल नहीं हुआ। पुलिस द्वारा बरामद शराब की मात्रा अधिक है इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। दाेनों पक्षों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा, आरोपी याचिकाकर्ता एक छात्र है, कोई आपराधिक पृष्ठभूमि भी नहीं है। याचिकाकर्ता स्टूडेंट 22 फरवरी, 2026 से जेल में है। मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना नहीं है।
मामले की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अपने फैसले में कहा है, स्टूडेंट की परीक्षा नजदीक है, पूर्व में भी उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और ना ही आपराधिक पृष्ठभूमि है। ऐसे में उसे नियमित जमानत दिया जाना उचित है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता छात्र को सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता स्टूडेंट को अदालत की कार्यवाही में सहयोग करना होगा, बिना कारण तारीख नहीं लेनी होगी, हर सुनवाई पर उपस्थित रहना होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता स्टूडेंट को जमानत का दुरुपयोग नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता स्टूडेंट को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।