समर स्पेशल ट्रेनों में बिलासपुर जोन के साथ भेदभाव, सबसे कम सिर्फ 10 ट्रेनें, जानें किस जोन को कितनी मिली

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बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यानी बिलासपुर जोन की हमेशा उपेक्षा होती रही है। माल लोडिंग के जरिए सबसे अधिक राजस्व की कमाई भी रेलवे को बिलासपुर जोन से ही होती है, मगर जब सुविधाएं देने की बारी आती है तो इसी जोन का नंबर सबसे बाद में लगता है। इलाके के जनप्रतिनिधि भी इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि यहां के क्षेत्रीय सांसद तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं। इसी तरह राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी इसी क्षेत्र से संबंध रखते हैं।

गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों का दबाव बढ़ने पर रेलवे हर साल विशेष ट्रेनें चलाती है। इस बार इसकी संख्या में इजाफा करने का भी दावा किया गया है। जबकि बिलासपुर जोन के मामले में हालात दूसरे नजर आ रहे हैं। यात्रियों की तकलीफ इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि अब वेटिंग टिकट पर यात्रा करने की अनुमति नहीं है। जाहिर है, यदि टिकट कंफर्म नहीं होती है तो यात्रा निरस्त करनी पड़ेगी। बिलासपुर जोन का उत्तर भारत के अलावा हावड़ा और मुंबई के साथ दक्षिण भारत से भी नाता है। हजारों यात्री रोजाना यहां से आना- जाना करते हैं। विशेष कर दक्षिण भारत के लिए बिलासपुर से बहुत कम ट्रेनें हैं। हैदराबाद या बेंगलुरु जाना है तो फिर नागपुर जाकर कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी पड़ती है। यही हाल चेन्नई का है, जहां के लिए सप्ताह में केवल एक सीधी ट्रेन है। वंदे भारत ट्रेन बिलासपुर से केवल एक चल रही है, जबकि इसकी मांग हावड़ा की ओर भी है। अब रेलवे ने समर स्पेशन ट्रेनों की सूची जारी की है तो उसमें सबसे पीछे बिलासपुर जोन नजर आ रहा है। किसी जोन को 20 से कम समर स्पेशल ट्रेन नहीं दी गई है, जबकि बिलासपुर को केवल दस ट्रेन दी गई। दक्षिण मध्य रेलवे को सर्वाधिक 124 ट्रेन दी गई है। उत्तर और पूर्व की रेलवे को भी 24- 24 ट्रेनों की सौगात दी गई है।

देखिए अंतर किसमें कितना

बिलासपुर जोन यानी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे- 10 ट्रेनों (122 ट्रिप) को मंजूरी

अब बाकी जोन पर डालें नजर

दक्षिण मध्य रेलवे- 124 ट्रेनों (1,184 ट्रिप) की मंजूरी

पश्चिमी रेलवे- 106 ट्रेनों (2,078 ट्रिप) को मंजूरी

उत्तर पश्चिमी रेलवे- 76 ट्रेनों (2,245 ट्रिप) को मंजूरी

उत्तरी रेलवे – 76 ट्रेनों (2,090 ट्रिप) को मंजूरी

सेंट्रल रेलवे –74 ट्रेनों (3,082 ट्रिप) को मंजूरी

दक्षिणी रेलवे – 72 ट्रेनों (558 ट्रिप) को मंजूरी

ईस्ट सेंट्रल रेलवे – 64 ट्रेनों (2,711 ट्रिप) को मंजूरी

उत्तर मध्य रेलवे –54 ट्रेनों (1,163 ट्रिप) को मंजूरी

उत्तर पूर्वी रेलवे –52 ट्रेनों (814 ट्रिप) को मंजूरी

ईस्ट कोस्ट रेलवे – 28 ट्रेनों (410 ट्रिप) को मंजूरी

पश्चिम मध्य रेलवे – 28 ट्रेनों (408 ट्रिप) को मंजूरी

पूर्वी रेलवे – 24 ट्रेनों (392 ट्रिप) को मंजूरी

नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे- 24 ट्रेनों (220 ट्रिप) को मंजूरी

दक्षिण पूर्वी रेलवे – 20 ट्रेनों (276 ट्रिप) को मंजूरी

दक्षिण पश्चिमी रेलवे –76 ट्रेनों (509 ट्रिप) को मंजूरी

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