जनता की शिकायतें अनसुनी! बिजली अफसरों के फोन न उठाने पर एमडी ने खुद संभाला मोर्चा

bijli ofc

रायपुर। राजधानी से न्यायधानी तक बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। न आंधी चल रही, न बारिश हो रही फिर भी बार- बार बिजली गुल हो रही है और घंटों बाद आ रही है। बिजली अफसर तर्क दे रहे हैं कि अचानक लोड बढ़ने से व्यवस्था गड़बड़ा रही है, जबकि हर बार गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ती है, यह जानकारी बिजली कंपनी को भी है। इसके बाद भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाना नागरिकों के गले नहीं उतर पा रहा है।

राजधानी की तुलना में न्यायधानी की व्यवस्था ज्यादा खराब हो गई है। यहां का सबसे बड़ा और वीआईपी इलाका माना जाता है कि नेहरुनगर जोन। यहां छोटा भी फाल्ट होता है तो घंटों बाद इसकी मरम्मत हो पाती है। अब यहां आक्रोशित लोग सीधी बिजली दफ्तर पहुंचने लगे हैं क्योंकि फोन पर सुनवाई नहीं हो रही है। जोन के शुभम विहार इलाके में घंटों बंद बिजली रात में भी नहंीं आयी तो हलाकान लोग एकजुट होकर नेहरु नगर बिजली ऑफिस पहुंच गए। हैरत की बात यह है कि उस दफ्तर में रात में एक भी कर्मचारी नहीं मिला। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। एकत्रित भीड़ वहां पर करीब एक घंटे तक हंगामा करती रही। दूसरी ओर गौतम विहार में भी पूरी रात बिजली बंद रही तो नाराज महिलाएं जोन ऑफिस पहुंच गईं। जबकि सिंधी कॉलोनी और राजीव गांधी चौक के निवासियों ने भी बिजली दफ्तरों में धावा बोला। यह भीड़ बताती है कि लोग कितने गुस्से में हैं और कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है।

शहर में दो सप्ताह के भीतर चार बार आंधी आयी है और बारिश हुई है। उससे अस्त- व्यस्त बिजली सिस्टम को बिजली अमला अब तक दुरुस्त नहीं कर सकता है। अभी गर्मी का पारा 45 पहुंच गया है और ऐसे में बिना पंखे के नहीं रहा जा सकता। ऊपर से घंटों बिजली बंद होने से हालात बेकाबू हो रहे हैं। शहर के कई इलाकों में आधी रात बाद तक बिजली आ रही है और कहीं- कहीं पर पूरी रात बिजली गायब है। हैरत की बात यह है कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के बाद भी व्यवस्था दुरुस्त करने में तेजी नहीं दिखाई जाती और अधिकारियों ने नागरिकों का फोन भी उठाना बंद कर दिया है। शुभम विहार में पूरी राहत बिजली नहीं आयी। इसके बाद बिजली कंपनी ने केबल बदल कर सप्लाई शुरू किया।

व्यवस्था इसलिए भी खराब हो रही है कि फ्यूज कॉल सेंटर में कोई कर्मचारी रात में मिलता नहीं है। इसके कारण नागरिक परेशान हो रहे हैं। नागरिकों ने लगातार हंगामा किया, तब जाकर आधी रात बाद तक बिजली बहाल की जा सकी। सिंधी कॉलोनी में माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जब कुछ लोगों ने बिजली कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार कर दिया। बीते सप्ताह शहर में कुछ इलाकों में बिजली कर्मचारियों की पिटाई तक कर दी गई थी। नेहरुनगर डिविजन में हाल यह है कि एसई से लेकर जेई तक कोई अधिकारी नागरिकों का फोन नहीं उठा रहा है। आधी रात को शुभमविहार के लोग बिजली आफिस पहुंचे थे, वहां रिस्पांस नहीं मिलने पर सभी अधिकारियों को नागरिकों ने फोन लगाया, मगर किसी ने रिसीव नहीं किया। थकहार कर लोगों ने देर रात ही बिजली कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर को फोन लगा दिया। एमडी ने कॉल रिसीव किया और नागरिकों की बात भी सुनी। जबकि निचले स्तर के अधिकारी संकट के वक्त भी फोन पर नहीं मिल रहे हैं, यह चिंता की बात हो गई है।

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