फर्जी WhatsApp DP से 20 लाख का फ्रॉड, 6 ठगों ने कंपनी को ऐसे लगाया करोड़ों का चूना

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 20 लाख की ठगी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइन बनाकर एक कपंनी से ऑनलाइन ठगी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी, मोबाइल, एटीएम और बैंक दस्तावेज सहित अन्य सामान जब्त किया गया है।

प्रकरण में प्रार्थी यश बत्रा निवासी सुंदर नगर भिलाई द्वारा थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी कंपनी साईराम व्हील्स प्रायवेट लिमिटेड के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कंपनी डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा की फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार किया गया था। आरोपियों ने विश्वास में लेकर एचडीएफसी बैंक खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिये।

कंपनी के तीनों डायरेक्टरों के बीच राशि लेनदेन हेतु एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित था, जिसमें विभिन्न ब्रांचों की आवश्यकता अनुसार रकम भेजने संदेश डाला जाता था। किसी भी डायरेक्टर द्वारा स्वीकृति मिलने पर अकाउंटेंट द्वारा राशि ट्रांसफर की जाती थी। आरोपियों ने इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए फर्जी व्हाट्सएप डीपी व मैसेज के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।

एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और थाना सुपेला व एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए। जांच में पाया गया कि आरोपी संगठित तरीके से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर व खाता धारकों को कमीशन का लालच देकर साइबर ठगी करते थे। फिर इन रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी करते थे।

आरोपी व्हाट्सएप व जंगी ऐप के माध्यम से संपर्क कर “टोकन सिस्टम” से पैसों का आदान-प्रदान करते थे। पुलिस को खुफिया सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी रायपुर स्थित तनिष्क होटल राठौर चौक में रुके हुए थे। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी अपने ठिकाने लगातार बदलने लगे। गिरफ्तारी से बचने के लिए रायपुर शहर में अन्य गोपनीय स्थानों पर किराए का मकान तलाश रहे थे, ताकि छिपकर साइबर ठगी की वारदातों को लगातार अंजाम दे सकें।

पुलिस टीम द्वारा तत्परता व सूझबूझ का परिचय देते हुए लगातार तकनीकी निगरानी, संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण व मुखबिर सूचना के आधार पर घेराबंदी की गई। इसी दौरान आरोपी पंकज शर्मा सहित कुछ आरोपियों को रायपुर जंय स्तभ चौक के पास से पकड़ा गया। अन्य आरोपी बूढ़ा तालाब क्षेत्र के आसपास किराए के मकान में पकड़े गये।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे राजस्थान से आकर अलग-अलग शहरों में होटल व किराए के मकानों में रहकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।

जब्त सामान

1- नगदी रकम -01 लाख 20 हजार

2- मोबाईल- 06 नग

3- डेबिट कार्ड- 10 नग

4- पेन कार्ड- 04 नग

5- आधार कार्ड- 01 नग

6- वोटर आईडी कार्ड- 01 नग

7- ड्राइविंग लाइसेंस- 01 नग

8- चेक बुक- 04 नग

9- पासबुक- 01नग

10- आधार कार्ड एक्नॉलेजमेंट – 04 प्रति

11- सिम- 03 प्रति

12- डिपॉजिट स्लिप- 12 प्रति

13- फोटो- 12 प्रति

14- कॉपी- 01 नग

गिरफ्तार आरोपी

1. मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान

2. गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान

3. मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान

4. मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान

5. बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान

6. पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान

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