डायबिटीज मरीजों के लिए स्लो वॉक क्यों है फायदेमंद? जानिए इसके बड़े लाभ…

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डायबिटीज : आज देश की आबादी का बड़ा हिस्सा डायबिटीज जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, जो मुख्यत: आधुनिक जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों से जुड़ी है। मसलन, सोने-जागने का अनिश्चित समय, फिजिकल एक्‍टिविटी की कमी, खानपान की गलत आदतें, अल्कोहल और स्‍मोकिंग की लत आदि इसकी प्रमुख वजहें हैं। डायबिटीज से बचाव के लिए वैसे तो कई तरीके बताए जाते हैं, मसलन, चीनी, चावल, आलू, घी-तेल और मैदे से परहेज करना। क्‍या आप जानते हैं कि डायबिटीज को कम करने में स्‍लो वॉक भी मदद कर सकती है।

अमेरिका के एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन लंच या डिनर के आधे घंटे बाद मात्र दस-पंद्रह मिनट की हल्‍की वॉक के बाद भी लोगों के ब्लड शुगर लेवल में कमी पाई गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर खाने के आधे घंटे के बाद दस मिनट के लिए भी थोड़ा टहल लिया जाए, तो यह क्रिया सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है। अगर आप इस समस्या से बचाव चाहती हैं, तो लंच और डिनर के बाद टहलने की आदत को अपने रूटीन में जरूर शामिल करें। इससे न सिर्फ शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा, बल्कि यह आदत फिटनेस के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।

खाने के बाद शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन सही ढंग से होता है। इससे मसल्‍स खून में मौजूद ग्लूकोज का सही तरीके से इस्‍तेमाल कर लेते हैं। नियमित वॉक से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

वॉक करना सबसे आसान एक्‍टिविटीज में से एक है और डायबिटीज से परेशान ज्‍यादातर लोग इसे कर सकते हैं। इसमें चोट लगने का खतरा कम होता है और वॉक शुरू करने के लिए आपको किसी स्‍पेशल इक्विपमेंट की जरूरत भी नहीं होती है। हालांकि, आरामदायक कपड़े और जूते पहनने से आपको मोटिवेटेड रहने में मदद मिल सकती है। जब आप रेगुलर वॉक करते हैं, तब आपको सेहत से जुड़े कई फायदे मिल सकते हैं-

  • ब्लड शुगर का लेवल कम होता है।
  • इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
  • दिल की सेहत में सुधार होता है।
  • मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है।
  • वजन को बनाए रखना आसान हो जाता है।
  • बैलेंस में सुधार होता है।
  • ब्‍लड प्रेशर कम होता है।
  • मूड बेहतर होता है।
  • ज्‍यादा फोकस्ड और अलर्ट महसूस होता है।
  • याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में सुधार होता है।