रेंट ए बॉयफ्रेंड’ ट्रेंड: बिना रोमांस सिर्फ साथ निभाने के लिए! महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है ‘किराए के बॉयफ्रेंड’ का चलन?

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रेंटल बॉयफ्रेंड: आज के ड‍िजि‍टल दौर में सबकुछ घर बैठे मोबाइल से हो जाता है। चाहे खाना ऑर्डर करना हो, टैक्‍सी बुक करनी हो या कोई फैसि‍ल‍िटी पानी हो, सब कुछ आराम से हो जाता है, लेक‍िन क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि कोई लड़की या म‍ह‍िला कुछ समय के ल‍िए बॉयफ्रेंड भी क‍िराए पर ले सकती हैं? सुनने में ये भले ही आपको थोड़ा अजीब लग रहा हो, लेक‍िन दुन‍िया के कुछ देशों में यह कॉन्‍सेप्‍ट देखने को मि‍ल रहा है।

खास बात तो यह क‍ि बॉयफ्रेंड बनाने का मतलब रोमांस ब‍िल्‍कुल नहीं है। यह फैस‍िल‍िटी खासतौर से हर मौके पर साथ देने के ल‍िए शुरू की गई है। जापान में शुरू हआ यह ट्रेंड दूसरे देशों में भी पहुंच रहा ह‍ै। भारत में भी इसकी चर्चा होने लगी है। आइए इसके बारे में जानते हैं सब कुछ-

रेंटल बॉयफ्रेंड का मतलब यह नहीं है कि कोई क‍िसी के साथ रि‍लेशनश‍िप में आ जाता है। यह एक तरह से एक दूसरे का साथ देने के ल‍िए शुरू क‍िया गया है। यहां कोई व्यक्ति कुछ समय के लिए आपके साथ रह सकता है। आसान शब्दों में समझें तो अगर किसी को फिल्म देखने जाना है, शॉपिंग करनी है, कैफे में बैठकर बातें करनी हैं या किसी पार्क में घूमने जाना है तो वह रेंट पर बॉयफ्रेंड ले सकता है। इसके लिए ऐप, वेबसाइट या सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए आप बॉयफ्रेंड सेलेक्‍ट कर सकती हैं। साथ ही इसमें एक टाइम फ‍िक्‍स कर द‍िया जाता है।

रेंट पर बॉयफ्रेंड लेने वाना कॉन्‍सेप्‍ट जापान से शुरू हुआ था। वहां लोग किसी इवेंट में साथ जाने, बातचीत करने या बाहर के कई कामाें में हेल्‍प लेने के व्यक्ति को बुक कर सकते थे। बाद में यही कॉन्‍सेप्‍ट आगे बढ़ा गया और रेंटल बॉयफ्रेंड जैसी फैस‍िल‍िटी आगे बढ़ती चली गई। हालांकि इसका मकसद रोमांस नहीं बल्कि साथ और बातचीत तक ही था।

जापान में अकेले रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग काम में इतने ज्‍यादा ब‍िजी होते हैं क‍ि उनके पास बाकी कामों के ल‍िए ज्‍यादा समय ही नहीं होता है। ऐसे में कुछ लोगों को कभी-कभी किसी के साथ कॉफी पीने, फिल्म देखने या बातचीत करने की जरूरत महसूस होती है। इसी वजह से इस कॉन्‍सेप्‍ट का ट्रेंड बढ़ता गया। कई महिलाएं भी केवल एक साथी की तरह किसी के साथ टाइम स्‍पेंड करती हैं।

आमतौर पर रेंटल बॉयफ्रेंड के साथ लोग कैफे, पार्क, म्यूजियम, रेस्टोरेंट या शॉपिंग मॉल जा सकते हैं। कई लोग इसे मूवी पार्टनर, वॉकिंग पार्टनर या शॉपिंग बडी जैसे नामों से भी जानते हैं। इसे कई जगहों पर सोशल सपोर्ट सर्विस की तरह भी देखा जाता है।

अगर आप यह कॉन्‍सेप्‍ट फॉलो करती हैं ताे आपको इससे जुड़े न‍ियमाें का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। आप इसमें बॉयफ्रेंड के साथ क‍िसी तरह की सेक्‍शुअल एक्‍ट‍िव‍िटी नहीं कर सकती हैं और न ही अकेले क‍िसी रूम में जा सकती हैं। चाहे वह होटल हो या खुद का घर। साथ ही रात में रुकने की भी अनुमत‍ि नहीं होती हे।

भारत में यह कॉन्सेप्ट अभी शुरुआती दौर में है। कुछ वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेज इस तरह की फैस‍िल‍िटी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि यहां रेंटल बॉयफ्रेंड शब्द की जगह प्रोफेशनल सोशल सपोर्ट सर्विस या कंपैनियन सर्विस जैसे नाम द‍िए गए हैं।

मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताब‍िक, भारत में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 79 या 100 रुपये से शुरू होकर 1,500 से 2,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं जापान के टोक्यो जैसे शहरों में प्रति घंटे के हिसाब से रेट लिया जाता है।