हाई कोर्ट का फैसला: समर वेकेशन के बाद वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था समाप्त, फिजिकली होगी सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी उपलब्ध
बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल ने एक आदेश जारी कर वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। समर वेकेशन के बाद जब 15 जून से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में नियमित कामकाज प्रारंभ होगा, तब कोर्ट में पुरानी व्यवस्था के तहत सुनवाई होगी। कोर्ट रूम में अधिवक्ता फिजिकली मौजूद रहकर अपने मामलों की पैरवी कर सकेंगे। हालांकि वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी पहले की तरह लागू रहेगी।
जारी आदेश में वर्क फ्रॉम हाेम की सुविधा को खत्म कर दिया है। समर वेकेशन के बाद सभी कर्मचारी व अधिकारियों को नियमित रूप से दफ्तर आना होगा। हाई कोर्ट प्रशासन ने साफ किया है, हालांकि पेट्रोल, डीजल आपूर्ति की स्थिति में काफी सुधार आया है, लेकिन अभी भी फिजूलखर्ची से बचना होगा। ज्यूडिशियल और मिनिस्टिरियल अफसरों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से गाड़ियां न दौड़ाएं। हाई कोर्ट और जिला न्यायपालिका के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन बचाने के लिए जहां तक संभव हो सके, अपने सरकारी वाहनों को अन्य अधिकारियों के साथ शेयर करें।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल मंसूर अहमद द्वारा आदेश में लिखा है, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा 19 मई 2026 को जारी परिपत्र के निरस्तीकरण में, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई, कार, वाहन पूलिंग व्यवस्था, कर्मचारियों के घर से कार्य करने और आधिकारिक वाहन साझा करने के निर्देश दिए गए थे, 15.जून2026 से नए निर्देश अनुपालन हेतु जारी किए जाते हैं:-
उच्च न्यायालय में उपर्युक्त परिपत्र जारी होने से पहले वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई से संबंधित जो भी प्रावधान, दिशानिर्देश और सुविधाएं लागू थीं, वे जारी रहेंगी।
प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल ने अपने आदेश में लिखा है, चूंकि ईंधन आपूर्ति की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और उपर्युक्त परिपत्र द्वारा जारी किए गए अस्थायी उपायों की आवश्यकता वाली परिस्थितियां काफी हद तक कम हो गई हैं, इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आधिकारिक वाहनों और ईंधन के उपयोग में उचित मितव्ययिता बरतनी चाहिए और अनावश्यक आवागमन और ईंधन की बर्बादी से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
ईंधन की बचत करने के लिए, इस उच्च न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारियों और मंत्रिस्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ जिला न्यायपालिका से अनुरोध है कि वे यथासंभव अपने कार्यालय के अन्य अधिकारियों के साथ अपने आधिकारिक वाहन का उपयोग,साझाकरण करें, ताकि वाहन पूलिंग हो सके।
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